सुरक्षित गर्भसमापन के प्रति महिलाओं को जागरूक करें आशा व एएनएम

शेयर करे

अतरौलिया आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षित गर्भसमापन दिवस के अवसर पर सोमवार को ग्रामीण पुनर्निर्माण संस्थान एवं कॉमन हेल्थ के संयुक्त तत्वावधान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें आशा, आशा संगिनी और एएनएम को सुरक्षित गर्भसमापन सेवाओं के प्रति महिलाओं को जागरूक करने की जिम्मेदारी के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. शिवाजी सिंह, एचईओ जितेंद्र कुमार और बीसीपीएम सुरेश पांडेय मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजदेव चतुर्वेदी ने कहा कि 28 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षित गर्भसमापन दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि मातृ मृत्यु के प्रमुख कारणों में असुरक्षित गर्भसमापन भी शामिल है। उन्होंने बताया कि कुल मातृ मृत्यु में करीब 8 से 12 प्रतिशत मौतें असुरक्षित गर्भसमापन के कारण होती हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत आशा कार्यकर्ताओं ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए सुरक्षित प्रसव को लेकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर के रूप में आशा और एएनएम की जिम्मेदारी है कि उनके कार्यक्षेत्र की महिलाओं को सुरक्षित गर्भसमापन की सेवाओं की जानकारी और सुविधा बिना किसी भेदभाव के मिल सके। इस अवसर पर कॉमन हेल्थ एवं ग्रामीण पुनर्निर्माण संस्थान की ओर से तैयार चार पोस्टरों का विमोचन किया गया। पोस्टरों में सुरक्षित गर्भसमापन सेवा तक पहुंच दिलाने में आशा व एएनएम की भूमिका, गर्भसमापन सेवाओं में समुदाय और देखभाल की भूमिका तथा फ्रंटलाइन हेल्थ वर्करों को स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ के रूप में दर्शाया गया है।
रिपोर्ट-आशीष निषाद

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *