नए विकास कार्यों की स्वीकृति के नाम पर सात प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप

शेयर करे

फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद शासन ने पूर्व ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक की जिम्मेदारी सौंप दी है। शासन की ओर से पुराने प्रस्तावों एवं स्वीकृत कार्यों का भुगतान करने की अनुमति दी गई है। वहीं, नए विकास कार्यों के लिए कार्ययोजना में नए प्रस्ताव शामिल करने और जिलाधिकारी की अनुमति के बाद ही कार्य कराने का निर्देश दिया गया है।
इसी बीच फूलपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में नए विकास कार्यों की स्वीकृति को लेकर कमीशन मांगने का मामला चर्चा में है। आरोप है कि नए कार्यों के प्रस्ताव, कार्ययोजना और एस्टीमेट तैयार कर पंचायत कार्यालय में जमा किए गए थे, लेकिन स्वीकृति के लिए सात प्रतिशत एडवांस कमीशन की मांग के चलते कई दिनों तक फाइलें लंबित रहीं।
प्रधानों के बीच चर्चा है कि क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों की करीब 144 फाइलें सात प्रतिशत एडवांस देने के बाद जिला स्तर पर भेजी गईं और उनकी स्वीकृति मिली। जिन लोगों ने कथित रूप से कमीशन नहीं दिया, उनकी फाइलें लंबित रहीं। अब भुगतान की स्वीकृति के लिए दस प्रतिशत कमीशन मांगने की चर्चाएं भी सामने आने लगी हैं।
इसको लेकर कुछ प्रधानों में नाराजगी है तो कुछ प्रधान कथित कमीशन की मांग के बावजूद विकास कार्य कराने में जुटे हैं। उनका कहना है कि खाली बैठने से अच्छा है कि कुछ खर्च देकर ही सही, गांव में विकास कार्य हो जाएं।

इस मामले में कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद पंचायत विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी फूलपुर दिलीप कुमार ने बताया कि ऑडियो रिकॉर्डिंग की जांच कराई जाएगी। आरोपों की सत्यता मिलने पर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों की स्वीकृति के लिए किसी प्रकार का धन लेने या देने का कोई प्रावधान नहीं है। यदि कोई व्यक्ति पैसे की मांग करता है तो इसकी जानकारी सीधे उन्हें दी जाए।
रिपोर्ट-पप्पू सिंह/मुन्ना पाण्डेय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *