माहुल आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। नगर पंचायत में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे की तेज आवाज को लेकर आयोजक समितियों के पदाधिकारियों और डीजे संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस की कार्रवाई से नाराज नगरवासियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए उच्चाधिकारियों से मुकदमा वापस लेने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में व्यापक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
इस दौरान भाजपा पिछड़ा मोर्चा के जिलाध्यक्ष एवं पूजा समिति के अध्यक्ष सुजीत जायसवाल आशु ने अहरौला थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान आयोजकों और डीजे संचालकों पर लाठी चलाने के बाद अपनी कमियों को छिपाने के लिए भक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। उनका कहना था कि माहुल में पिछले 55 वर्षों से अधिक समय से ऐतिहासिक दुर्गा पूजा, मेला और प्रतिमा विसर्जन का आयोजन होता आ रहा है। इसके बावजूद इस बार आयोजन से पहले अहरौला थानाध्यक्ष ने न तो उनसे और न ही किसी अन्य पूजा समिति के अध्यक्ष से कोई बातचीत की।
सुजीत जायसवाल आशु ने सवाल उठाया कि क्या माहुल में पहली बार डीजे बजा और पहली बार विसर्जन यात्रा निकली है उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को उनकी सफलता रास नहीं आ रही है और इसी वजह से उनके लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा कुछ लोगों से मिलीभगत कर कार्रवाई की गई है। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और अहरौला थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। विरोध प्रदर्शन में झिनक मौर्य, वेद प्रकाश गुप्ता, अजय बिंद, विजय बिंद, राहुल बिंद, अंकुर सोनकर, आनंद गुप्ता, गोबिंदा वासफोर, गोबिंदा सोनकर, विवेक कसौधन, तन्मय पांडेय, स्वतंत्र देव पांडेय, विजय सिंह सहित अन्य नगरवासी मौजूद रहे।
रिपोर्ट-श्यामसिंह