फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। तहसील मुख्यालय के आसपास विकसित हो रही दर्जनों आवासीय कॉलोनियों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने और सरकारी नालों-नालियों पर अतिक्रमण के चलते प्रत्येक वर्ष बारिश के मौसम में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। जल निकासी का रास्ता अवरुद्ध होने से इस बार भी सैकड़ों बीघा धान की फसल बर्बादी के कगार पर पहुंच गई है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले ही शासन-प्रशासन से जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने तथा सरकारी नालों और नालियों को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की जाती रही है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
वर्तमान समय में तूफान और लगातार हो रही रिमझिम बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है। कई स्थानों पर धान की फसल गिरकर जमीन पर बिछ गई है। किसान खेतों से पानी निकालने के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन पानी की निकासी का रास्ता ही बंद होने के कारण उन्हें सफलता नहीं मिल पा रही है।
किसान मनीष पाल, मो. अनवर, दिनेश, कुंदन यादव, दशरथ पाल, आशीष पाल, रघुनाथ, प्रमोद और विनोद आदि ने बताया कि तहसील मुख्यालय के आसपास कई प्लाटरों ने कृषि भूमि खरीदकर आवासीय प्लाटिंग की है। आरोप है कि कॉलोनियों में रास्ते तो बनाए गए, लेकिन पानी की निकासी के लिए न तो समुचित नालियों का निर्माण कराया गया और न ही प्राकृतिक जल निकासी के रास्तों का ध्यान रखा गया। इसके चलते खेतों से नदी तक जाने वाला पानी जगह-जगह अवरुद्ध हो गया है और जलभराव की समस्या गंभीर होती जा रही है। किसानों ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन और शासन से मांग की है कि जल निकासी के लिए स्थायी व्यवस्था कराई जाए तथा सरकारी नालों और नालियों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।
रिपोर्ट-पप्पू सिंह/मुन्ना पाण्डेय