अतरौलिया आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। सुभासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी अरुण राजभर के आवास पर आयोजित जनसुनवाई में गंभीर हृदय रोग से पीड़ित मरीज के इलाज के लिए सरकारी आर्थिक सहायता दिलाने में कथित देरी का मामला सामने आया। पीड़ित परिवार ने स्थानीय सपा विधायक के स्तर से सहयोग न मिलने का आरोप लगाते हुए अपनी शिकायत दर्ज कराई।
मुखलिसपुर, ब्लॉक कोयलसा निवासी एवं पूर्व ग्राम प्रधान तीरथराम ने जनसुनवाई में बताया कि उनके एक रिश्तेदार गंभीर हृदय रोग से पीड़ित हैं और उनकी हालत बेहद नाजुक है। इलाज के लिए सरकारी आर्थिक सहायता दिलाने के उद्देश्य से अस्पताल का एस्टीमेट स्थानीय सपा विधायक को सौंपा गया था।
तीरथराम का आरोप है कि विधायक की ओर से संस्तुति पत्र दिए जाने का आश्वासन मिला था, लेकिन करीब 23 दिन तक फाइल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि जब उन्होंने अपने कागजात वापस मांगे तो उन्हें दस्तावेज लौटा दिए गए। पूर्व प्रधान ने आरोप लगाया कि दलित समाज से होने के कारण उनके मामले में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई। इसके बाद पीड़ित परिवार ने सुभासपा नेता अरुण राजभर से संपर्क किया। राजभर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के माध्यम से संस्तुति पत्र शासन को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि मरीज के इलाज के लिए राहत राशि स्वीकृत कराई जा सके।
अरुण राजभर ने कहा कि गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज की सहायता के मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सहायता जैसे संवेदनशील मामलों में भी जातिगत भेदभाव की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच और समाधान होना चाहिए।
सुभासपा नेता ने दावा किया कि क्षेत्र की जनता अब कथित उपेक्षा और समस्याओं को लेकर बदलाव के मूड में है और आने वाले समय में इसका जवाब राजनीतिक रूप से देगी। हालांकि, विधायक पक्ष की ओर से इस मामले में तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उनका पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
रिपोर्ट-आशीष निषाद