उपेक्षा का दंश झेल रहा माहुल का सरकारी अस्पताल

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माहुल आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय नगर का प्राथमिक स्वास्थ केंद्र विभागीय उदासीनता का दंश झेल रहा है। इस अस्पताल पर छह माह से न तो चिकित्सक है और न ही फार्मासिस्ट। जिसके कारण नगर के अलावा आसपास के गांवों के लोगों को इस अस्पताल से स्वास्थ सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
नगर पंचायत माहुल के प्राथमिक स्वास्थ केंद्र से नगर के चार हजार घरों के अलावा आसपास के गांवों की लगभग 50 हजार से अधिक की आबादी के लोग बीमार होने के बाद अपना और अपने परिवार का इलाज कराते थे। इस समय स्थिति यह है कि अस्पताल पर छः माह से अधिक समय बीत गया कोई चिकित्सक नही है और सात माह से अधिक समय से न ही कोई फार्मासिस्ट ही तैनात है। अस्पताल पर मात्र एक स्वीपर, एक वार्ड ब्वॉय, एक लैब असिस्टेंट और एक लैब टेक्नीशियन ही मौजूद है। चिकित्सक और फार्मासिस्ट के न होने के कारण नगर और गांवों की गरीब जनता को स्वास्थ सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा। दवा से लेकर खून जांच आदि के लिए लोगों को निजी चिकित्सक के यहां जाना पड़ रहा है जिससे लोग परेशान हैं, पर इस समस्या पर किसी का कोई ध्यान नहीं है।
भाजपा लालगंज के निवर्तमान जिलामंत्री दिलीप सिंह, सभासद सुजीत जायसवाल आंसू आदि ने विभागीय अधिकारियों से चिकित्सक की तैनाती के लिए कहा पर किसी ने ध्यान ही नहीं दिया।
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कहने को प्रसव कक्ष सुविधाएं नदारत
माहुल (आजमगढ़)। प्राथमिक स्वास्थ केंद्र माहुल में प्रसव विशेषज्ञ मंजुला राय तैनात हैं लेकिन प्रसव कक्ष में जरूरी सुविधा नहीं है। इसमें न तो दवा को रखने के लिए फ्रिज है और न ही आलमारी। प्रसव कक्ष का पंखा भी खराब रहता है। रात में प्रसव के लिए जब कोई प्रसूता आती है दवा के लिए अस्पताल कर्मियों से तकरार भी होती है।
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तैनाती का अधिकार ऊपर के अधिकारियों का है और फार्मासिस्ट की तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है। उम्मीद है कि माहुल में जल्द से जल्द विभाग द्वारा कर दी जाएगी। रही बात प्रसव कक्ष में जरूरी समानों की तो उसे भी मांग के आधार पर जल्दी ही उपलब्ध करा दिया जाएगा।
डॉ. शिव कुमार यादव, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी अहरौला
रिपोर्ट-श्यामसिंह

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