फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। विकास खण्ड क्षेत्र फूलपुर में खुले में शौच से मुक्ति के लिए चलायी जा रही स्वच्छ भारत मिशन योजना अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उदासीनता के चलते बेमानी साबित हो रही है। जबकि सरकार द्वारा प्रत्येक सामुदायिक शौचालय पर केयर टेकर की नियुक्ति भी की गयी है।
सामुदायिक शौचालय का निर्माण फूलपुर ब्लाक के 87 ग्राम पंचायत में कराया गया है। दो ग्राम पंचायत वजीराबाद और मुनौवरपुर में भूमि उपलब्ध न होने के कारण सामुदायिक शौचालय का निर्माण नहीं हो सका है। कुल 87 ग्राम पंचायतों में 4 करोड़ 96 लाख 77 हजार रुपया खर्च कर सरकार ने खुले में शौच मुक्त गांव बनाने का उद्देश्य रहा। इतनी महत्वपूर्ण महत्वाकांक्षी योजना ब्लाक अधिकारियों की शिथिलता के कारण बिफल हो रही है। जबकि प्रतिमाह 5 लाख 22 हजार मानदेय सरकार द्वारा महिला समूह की सदस्यों को दिया जा रहा है। रख रखाव के लिए सामुदायिक शौचालय के 2 लाख 61 हजार रुपया प्रतिमाह रख रखाव, बिजली, पानी, साबुन आदि पर खर्च किया जा रहा है। सुबह 5 बजे से 10 बजे तक और शाम 4 बजे से 8 बजे तक सामुदायिक शौचालय पर महिला समूह की सदस्य को ताला खोलकर उपस्थित रहना है। लेकिन 75 प्रतिशत सामुदायिक शौचालय पर ताला ही बन्द रहता है। गांव में निरीक्षण के दौरान ग्रामीण कुछ कहने से डरते हैं। खुलकर बोलते भी नही जिसका प्रमुख कारण है कि सरकार द्वारा गरीबो के लिए चलाई जा रही योजनाओ से वंचित हो जायेंगे।
जौमा, सुदनीपुर, बक्सपुर, उद्पुर, टेवगा आदि गांवों के निरीक्षण के दौरान सामुदायिक शौचालय पर ताला बंद मिला। इस सम्बंध में सहायक विकासग अधिकारी पंचायत फूलपुर संदीप ज्ञानबीर ने बताया कि सामुदायिक शौचालय संचालित हो रहे हैं। वस्तुस्थित और मौके पर उपस्थित रहने की बात पर उनके द्वारा बताया गया कि आप द्वारा संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ शिकायती पत्र देकर उच्चअधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
रिपोर्ट-पप्पू सिंह/मुन्ना पाण्डेय