फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और तेज तूफानी हवाओं ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। जगह-जगह दर्जनों पेड़ जड़ समेत धराशायी हो गए। पेड़ों के गिरने से बिजली के पोल, ट्रांसफार्मर और तार भी टूटकर जमीन पर गिर गए। इससे गांव से लेकर नगर तक विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई और लोगों को घंटों अंधेरे में रहना पड़ा। बिजली नहीं होने से मोबाइल फोन तक चार्ज नहीं हो सके।
25 और 26 सितंबर को दिन-रात हुई भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण सड़कों और गांवों में कई स्थानों पर पेड़ गिर गए। बिजली के पोल और तार टूटने से विद्युत आपूर्ति बाधित रही। विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता, अवर अभियंता और लाइनमैन लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर आपूर्ति बहाल करने में जुटे रहे। अथक प्रयास के बाद रात में नगर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बहाल की गई। इसके बाद तहसील फीडर को भी चालू किया गया।
रात करीब दो बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने लखनऊ-बलिया मार्ग पर पीपल का विशाल पेड़ गिर गया। इससे तहसील फीडर की आपूर्ति दोबारा बाधित हो गई। सुबह से ही विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पेड़ हटाने तथा क्षतिग्रस्त लाइन को दुरुस्त करने में जुटे रहे।
वहीं ग्रामीण अंचल में 32 घंटे बाद भी कई गांवों की विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। सुदनीपुर से लेकर इटकोहिया, चमावा, बहादीपुर, बूढ़ापुर बदल, जोमा, बक्सपुर और मिजवां समेत कई गांवों में पेड़, पोल और तार गिरने के साथ जलजमाव होने से विद्युत लाइन दुरुस्त करने में काफी परेशानी आ रही है।
तूफान और बारिश से खेतों में खड़ी धान और अरहर की फसल भी गिर गई। कई किसानों के खेतों में पानी भर जाने से फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। फसल बर्बाद होती देख किसानों के चेहरे पर चिंता साफ दिखाई दे रही है।
विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता आरके पांडेय ने बताया कि नगर क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में टूटे पोल और गिरे तारों को ठीक करने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। जिन गांवों में पोल और तार ठीक हैं, वहां आगे की लाइन के जंपर खोलकर विद्युत आपूर्ति शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत पूरी होने के साथ ही क्रमवार आपूर्ति बहाल की जाएगी।
रिपोर्ट-पप्पू सिंह/मुन्ना पाण्डेय