रानीकीसराय आजमगढ (सृष्टिमीडिया)। पर्व नजदीक होते ही विभिन्न पर्व पर प्रतिमा निर्माण करने वाले शिल्पकार प्रतिमा निर्माण मे जुट गये है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से लेकर दशहरा डाला छठ तक की प्रतिमा तैयार करने मंे कलाकारजुटे है।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के साथ ही पर्व का क्रम शुरु हो जायेगा पहले दुर्गा पूजा और लक्ष्मी पूजन पर ही प्रतिमाओं की स्थापना की जाती थी। अब बदलते दौर में सभी बडे छोटे पर्व पर प्रतिमाएं स्थापित की जा रही है। पहले पश्चिम बंगाल के ही कलाकार यहा निर्माण करते थे अब स्थानीय कलाकारों ने भी बढ चढ कर प्रतिमा निर्माण कर रहे है। कस्बे में पटेल नगर मुहल्ले से लेकर सेमरहा तक चौदह कलाकारों द्वारा प्रतिमा निर्माण किया जा रहा है। इसमें छः स्थानीय कलाकार भी निर्माण मे जुटे है। प्रतिमा निर्माण मे लगे कलाकारों को महगाई के चलते भी दिक्कतें आ रही है। रस्सी से लगायत पुआल, मिट्टी, बांस कलर सभी की कीमत में उछाल है। ऐसे मंे निर्माण के बाद लागत अधिक आने से प्रतिमाएं भी महंगी हो जा रही है। सबसे कम आठ हजार तो सबसे अधिक अस्सी हजार तक की प्रतिमाओं के कलाकारों के पास आर्डर है। वैसे आजमगढ के अलावा गाजीपुर, मऊ, जौनपुर आदि जगहो पर भी यहा से निर्मित प्रतिमाएं पहले से ही जाती रही है। बंगाल के कलाकार वर्ष के सात माह यही रहकर प्रतिमा निर्माण करते है। निर्माण मंे लगे कलाकार आशीष कुमार, विवेक पाल, समरेंद्र आदि ने बताया कि अभी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की प्रतिमा को अंतिम रुप दिया जा रहा है उसके बाद विश्वकर्मा पूजन की तैयारी कर ली जायेगी। सबसे अधिक प्रतिमा दुर्गा पूजा और लक्ष्मी पूजा की तैयार की जा रही है।
रिपोर्ट-प्रदीप वर्मा