लालगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, लालगंज में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम और भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर विद्यालय में विविध सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। छात्राओं ने राधा-कृष्ण का मनोहारी रूप धारण कर विभिन्न प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि आरएसएस के जिला प्रचारक आलोक एवं विशिष्ट अतिथि पूर्व प्रधानाचार्य ओम प्रकाश सिंह तिलखरा ने दीप प्रज्वलित कर तथा मां सरस्वती और भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण करके किया। छात्राओं ने ‘राधा के नैना जले’, ‘यशोमति मैया से बोले नंदलाला’ और ‘राधा क्यों गोरी, मैं क्यों काला’ सहित विभिन्न भक्ति गीतों पर मनोहारी नृत्य एवं गीत प्रस्तुत किए। इन प्रस्तुतियों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और श्रोता भाव-विभोर नजर आए।
मुख्य अतिथि ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण योगेश्वर हैं। उन्होंने अर्जुन को गीता का ज्ञान देकर कर्म और धर्म का मार्ग दिखाया। श्रीमद्भगवद्गीता विश्व की महानतम धरोहरों में से एक है।
विशिष्ट अतिथि पूर्व प्रधानाचार्य ओम प्रकाश सिंह तिलखरा ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके बाल स्वरूप के वर्णनों ने समस्त विश्व को आनंदित किया है। भगवान श्रीकृष्ण की बांसुरी की स्वरलहरियां उस अनाहत नाद की प्रतीक हैं, जिसे साधना के उच्च स्तर पर ही अनुभव किया जा सकता है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य भानु प्रताप त्रिपाठी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का वेणु वादन और गाय चराना श्रम एवं संगीत के सुंदर समन्वय का प्रतीक है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
रिपोर्ट-मकसूद अहमद