मार्टिनगंज आजमगढ (सृष्टिमीडिया)। तहसील क्षेत्र में गोरखपुर प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित बरदह के ब्रह्म बाबा लोगों के बीच में काफी चर्चा का विषय बन चुके हैं। इनको पूजने के लिए आजमगढ़ जौनपुर सुल्तानपुर जिलों से लोग आते हैं। यहां जो भी मन्नत लोग मानते हैं उसे ब्रह्म बाबा अवश्य पूरी करते हैं। मन्नत पूरी होने पर लोग ब्रह्म स्थान पर पूरी हलवा चढ़ाते हैं तथा ब्रह्म बाबा को यज्ञोपवीत तथा खड़ाऊ अर्पित करते हैं।
इस स्थान की प्राचीनता के बारे में कोई स्पष्ट रूप से स्पष्ट समय नहीं बता सका है गांव के एक बुजुर्ग जो अब इस दुनिया में नहीं है पंडित गोरखनाथ तिवारी ने बताया कि एक समय की बात थी जब चारों तरफ जल के लिए हाहाकार मचा हुआ था पानी की बहुत बड़ी समस्या हो गई थी उसे समय इसी गांव के पंडित श्रीनाथ तिवारी जो बहुत बड़े कर्मकांड और ज्योतिष के ज्ञाता थे गांव के लोग उनके पास पहुंचे उनसे लोगों ने पूछा कि बहुत कुआं खोदा गया लेकिन अपनी कहीं नहीं निकला वही वहां से चलकर जहां आज ब्रह्मस्थान है यहां पर आए और एक पीपल के पेड़ के पास उन्होंने बताया कि यहां कुआं खोदा जाए पानी अवश्य निकलेगा लेकिन लगभग डेढ़ सौ फीट कुआं खोदा गया। लेकिन पानी का कहीं पता नहीं चला लोग निराश हो गए और लगा कि पानी नहीं मिलेगा लोगों ने बाबा श्रीनाथ को बुलाया बोले कि बाबा पानी नहीं निकल रहा है अब क्या होगा बाबा ने कहा कि अब मैं कुआं के अंदर जा रहा हूं पानी तो अवश्य निकलेगा लेकिन मैं बाहर नहीं आऊंगा कुएं के अंदर बाबा श्रीनाथ चले गए और जैसे ही एक फावड़ा कुएं के अंदर मारा जल धारा इतनी तेज निकली की बाबा को उठाकर कुएं से लगभग 10 फीट दूर फेंक दिया और वही उनकी मृत्यु हो गई उनके परिजनों ने दाह संस्कार के लिए सोचा लेकिन वह मृत्यु शरीर वहां से लोग उठा ही नहीं सके क्योंकि वह शरीर वहीं जैसे जम गई हो लाख प्रयास के बाद भी वह शरीर वहां से उठी नहीं उसे स्थान पर उनके परिजनों ने एक छोटा सा ब्रह्म स्थान बनाकर उनकी पूजा अर्चना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे लोगों की आस्था बढ़ती गई और यहां ब्रह्म स्थान मंदिर की स्थापना हुई।
रिपोर्ट-अद्याप्रसाद तिवारी