फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। तहसील क्षेत्र के ग्रामीण एवं शहरी इलाकों में उचित दर की दुकानों से राशन प्राप्त करने वाले पात्र गृहस्थी एवं अंत्योदय कार्डधारकों को पिछले कई महीनों से मोटे अनाज के स्थान पर चावल वितरित किया जा रहा है। इससे रोटी खाने के अभ्यस्त अनेक लाभार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कार्डधारकों का कहना है कि पहले प्रति यूनिट तीन किलो चावल और दो किलो गेहूं के अनुपात में राशन मिलता था। इस व्यवस्था के तहत पांच यूनिट वाले कार्ड पर 15 किलो चावल और 10 किलो गेहूं दिया जाता था। वर्तमान में प्रति यूनिट चार किलो चावल और एक किलो गेहूं का वितरण किया जा रहा है, जिससे गेहूं की मात्रा काफी कम हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि मोटे अनाज के नाम पर सामान्यतः ज्वार, बाजरा, कोदो आदि का वितरण होना चाहिए, लेकिन उनकी जगह चावल दिया जा रहा है। इसे लेकर लोगों में असंतोष देखा जा रहा है। उनका कहना है कि पूर्व की वितरण व्यवस्था अधिक संतुलित और उपयोगी थी।ग्रामीण प्रमोद, रामशरण, सुरेश, जवाहिर, अशोक कुमार एवं अवधेश मोदनवाल सहित अन्य कार्डधारकों ने पूर्व की व्यवस्था बहाल करने की मांग की है, ताकि लाभार्थियों को पर्याप्त मात्रा में गेहूं उपलब्ध हो सके। इस संबंध में पूर्ति निरीक्षक कुमार गौरव शर्मा ने बताया कि सरकार से जिस प्रकार का आवंटन प्राप्त होता है, उसी के अनुसार राशन का वितरण कराया जाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मोटे अनाज के स्थान पर चावल की आपूर्ति हो रही है, इसलिए लाभार्थियों को चावल वितरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले तीन-दो के अनुपात में चावल और गेहूं मिलता था, जबकि वर्तमान में चार-एक के अनुपात में वितरण किया जा रहा है।
रिपोर्ट-पप्पू सिंह/मुन्ना पाण्डेय