मार्टिनगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। बरदह गांव एवं बाजार में इन दिनों बंदरों का आतंक लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। बंदरों के हमले में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। एक महीने के भीतर दो दर्जन से अधिक लोगों को बंदर काट चुके हैं, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि दो से तीन बंदरों का झुंड गांव और बाजार में लगातार घूमता रहता है। कोई बच्चा या व्यक्ति खाने-पीने का सामान लेकर निकलता है तो बंदर अचानक हमला कर दौड़ाकर काट लेते हैं। बच्चों पर बंदरों के हमले की घटनाएं सबसे ज्यादा सामने आ रही हैं।
बंदरों के हमले में घायल होने वालों में विवेक तिवारी, हेमंत तिवारी, राकेश राय, आदित्य तिवारी, विशाल तिवारी सहित कई लोग शामिल हैं। वहीं बच्चों में तेजल तिवारी, आयुष, आदित्य, काली तिवारी, देव तिवारी, पंखुड़ी तिवारी, देवांश, रक्षा समेत अन्य बच्चे बंदरों के हमले का शिकार हुए हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि फॉरेस्ट विभाग और संबंधित अधिकारियों को कई बार सूचना दी गई, लेकिन अब तक बंदरों को पकड़ने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। इससे लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरदह के चिकित्सक डा. सोमेश रंजन ने बताया कि बंदर काटने के मामलों में लगातार लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिन्हें एंटी रेबीज इंजेक्शन एवं आवश्यक उपचार दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द बंदरों को पकड़वाने और लोगों को राहत दिलाने की मांग की है।
रिपोर्ट-अद्याप्रसाद तिवारी