फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। तहसील क्षेत्र में सक्रिय अवैध खनन माफियाओं पर अंकुश लगाने में खनन विभाग अब तक प्रभावी साबित नहीं हो सका है। जिलाधिकारी के सख्त निर्देशों के बाद तहसील प्रशासन द्वारा अवैध खनन के खिलाफ लगातार कार्रवाई किए जाने से खनन माफियाओं में हड़कंप मचा रहा, लेकिन खनन विभाग की सक्रियता क्षेत्र में बेहद सीमित दिखाई दी।
उपजिलाधिकारी फूलपुर द्वारा अवैध खनन के खिलाफ लगातार अभियान चलाते हुए कई प्रेशर ट्राली और बैकहो लोडरों के खिलाफ कार्रवाई की गई। समाचार पत्रों में कार्रवाई की खबरें प्रकाशित होने के बाद खनन विभाग हरकत में आया और माहुल क्षेत्र में दो प्रेशर ट्रालियों को सीज कर कार्रवाई की गई। इसके बावजूद तहसील क्षेत्र में अवैध खनन का कारोबार रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
बताया जाता है कि दिन की अपेक्षा रात में अवैध मिट्टी खनन का कार्य तेजी से बढ़ गया है। पवई, बिलारमऊ, पलिया, पल्थी, बूढ़ापुर, कुतुबअली, शमसाबाद, नाहरपुर, मैगना, बरामदपुर, अतरडीहा, वजीराबाद, लोनियाडीह, खावपुर, खानपुर, बेलहमा तथा निजामाबाद तहसील के सरहदी गांवों सहित कुँवर, तमसा और मंजूषा नदियों की तलहटी में दर्जनों बैकहो लोडरों से धड़ल्ले से मिट्टी खनन किए जाने की चर्चा है।
इस संबंध में एसडीएम फूलपुर ने बताया कि खनन विभाग से यह रिपोर्ट मांगी गई है कि किस गांव और किस गाटा संख्या पर खनन की अनुमति दी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद राजस्व निरीक्षकों से स्थलीय सत्यापन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी लेखपालों को निर्देशित किया गया है कि बिना अनुमति के खनन पाए जाने पर संबंधित क्षेत्र के लेखपाल के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी हाल में अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रिपोर्ट-पप्पू सिंह/मुन्ना पाण्डेय