आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। उत्तर प्रदेश साहित्य सभा आजमगढ़ के तत्वावधान में पुस्तक विमोचन एवं सरस कवि गोष्ठी का आयोजन वरिष्ठ साहित्यकार एवं कवि पंडित हरिहर पाठक के सभागार में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं राकेश पांडे सागर के स्वरचित सरस्वती वंदना से हुआ। तत्पश्चात संस्था के अध्यक्ष दिनेश श्रीवास्तव दाहिर की दो प्रमुख कृतियों हद-ए-अमल से आगे लिखूंगा एवं फ़ज़ा-ए-हस्ती जो की उर्दू लिपि में प्रकाशित हुई का विमोचन हुआ।
पुस्तक विमोचन पर दिनेश श्रीवास्तव दाहिर ने विस्तार से प्रकाश डाला। तत्पश्चात डॉ. वसीउर्रहमान ने इस पुस्तक को हिंदी उर्दू अदब का मील का पत्थर बताया। तथा बहुत कम समयावधि में जिस प्रकार इस पुस्तक की रचना की गई उसकी भूरि-भूरि प्रशंसा की।
मुख्य अतिथि प्रो.सुजीत कुमार ने कहा कि यह पुस्तक आजमगढ़ के साहित्य के इतिहास की जब-जब बात होगी तब तक इसका उल्लेख होना अनिवार्य होगा। डॉ.प्रवेश सिंह ने इस कवि गोष्ठी एवं पुस्तक विमोचन को आजमगढ़ साहित्य की समृद्ध परंपरा का एक हिस्सा बताया। साहित्यकार संजय कुमार पांडे सरस ने साहित्य सभा के जिलाध्यक्ष दिनेश श्रीवास्तव दाहिर की पुस्तक को आजमगढ़ के लिए गौरव बताया।
द्वितीय सत्र में कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें डॉ.शशि भूषण प्रशांत, दिनेश श्रीवास्तव दाहिर, कौशल राय, रुद्रनाथ चौबे, विजेंद्र श्रीवास्तव करुण, राकेश पांडे सागर, संजय पांडे सरस, रत्नेश राय रत्न, संतोष कुमार पांडे ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। अंत में आयोजक आनंद कुमार पाठक ने सभी का आभार व्यक्त किया। प्रथम सत्र का संचालन संस्था के संयोजक विजयेन्द्र श्रीवास्तव करुण तथा द्वितीय सत्र का संचालन संस्था के उपाध्यक्ष राकेश पांडे सागर ने किया।
रिपोर्ट-ज्ञानेन्द्र कुमार