पटवध आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय, में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि प्राधिकरण की सचिव निकिता राजन रहीं तथा अध्यक्षता मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एनआर. वर्मा ने की।
मुख्य अतिथि सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण निकिता राजन ने कहा कि समाज के शोषित एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को गिरफ्तारी से लेकर अपील तक निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। उन्होंने नालसा की टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 की जानकारी देते हुए बताया कि इस नंबर पर कॉल करने से सीधे विधिक परामर्शदाताओं से संपर्क स्थापित होता है। साथ ही ‘लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम’ के तहत जनपद में संचालित व्यवस्थाओं एवं बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही कानूनी सहायता पर भी प्रकाश डाला।
सीएमओ डा. एनआर वर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ विधिक जागरूकता भी आमजन के सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे संयुक्त आयोजन समाज को नई दिशा देते हैं। डिप्टी सीएमओ/नोडल एनसीडी डा. आलेन्द कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया। प्रमुख अधीक्षक मंडलीय जिला चिकित्सालय डर. सतीश कन्नौजिया ने स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धियों का उल्लेख किया। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी/नोडल पीसीपीएनडीटी एवं मातृ-शिशु कल्याण डा. उमाशरण पांडेय ने विभागीय कार्यक्रमों की संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत की। डा. नवनीत गुप्ता ने गैर-संचारी रोगों की रोकथाम पर जोर दिया। डा. सुमित सिंह ने मानसिक स्वास्थ्य एवं टेली-मानस सेवाओं के महत्व को रेखांकित किया।
चीफ डिफेंस काउंसिल आशीष राय ने बताया कि उच्चतम न्यायालय की दूरदर्शी सोच के अनुरूप स्थापित विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य न्याय को सीधे आमजन के दरवाजे तक पहुंचाना है। इसकी वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक भूमिका है। संचालन प्रभारी प्रचार-प्रसार मनीष तिवारी द्वारा किया गया। अंत में “न्याय सबके द्वार” की अवधारणा को साकार करने का संकल्प दोहराया गया, ताकि कोई भी व्यक्ति जानकारी या संसाधनों के अभाव में न्याय से वंचित न रहे।
रिपोर्ट-बबलू राय