फरिहा आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। ब्लॉक रानी की सराय अंतर्गत हुशामपुर बड़ागांव गांव में लाखों रुपये की लागत से तैयार किया गया ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र आज पूरी तरह से वीरान पड़ा हुआ है। जिस योजना को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए तैयार किया गया था, वही अब लापरवाही और उदासीनता की मिसाल बन चुकी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, निर्माण के कुछ समय बाद तक भी इस केंद्र का कोई उपयोग नहीं हुआ। हालत यह है कि केंद्र का मुख्य गेट तक उखड़ चुका है और परिसर में चारों तरफ झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद न तो यहां कचरे का निस्तारण हो रहा है और न ही कोई देखरेख की व्यवस्था है।
ग्रामीणों प्रहलाद, विजय बहादुर, हरिकेश तिवारी, सुरेंद्र,पप्पू चौहान आदि का कहना है कि यह परियोजना केवल कागजों तक ही सीमित रह गई है। जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के कारण सरकारी धन की खुली बर्बादी हो रही है। यदि समय रहते इस केंद्र को चालू नहीं किया गया, तो यह पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो जाएगा।
सवाल यह उठता है कि आखिर जनता के टैक्स के पैसे से बनी इस योजना का लाभ किसे मिल रहा है? क्या प्रशासन इस ओर ध्यान देगा या फिर यह केंद्र यूं ही लापरवाही की भेंट चढ़ता रहेगा।
इस संबंध में रानी की सराय ब्लॉक के वीडियो राज किशोर सिंह ने बताया कि संबंधित गांव सचिव से बात की जाएगी कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र उपयोग में क्यों नहीं आ रहा है। यदि नहीं आ रहा है तो जांच की जाएगी।
रिपोर्ट-जयहिंद यादव