संजरपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। सरायमीर क्षेत्र के पूना पोखर स्थित मां सर्वेसरी जच्चा बच्चा केंद्र पर मरीज के परिजनों व ग्रामीणों ने डाक्टर पर गम्भीर आरोप लगाया और जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया।
सरायमीर थाना क्षे के पूना पोखरा निवासी सुनील कुमार पुत्र सत्यदेव ने पुलिस को दिये प्रार्थना पत्र के माध्यम से बताया कि 12 फरवरी को मेरी बहन के पेट में दर्द हुआ, उसको बच्चे की पैदाइश थी। दर्द होने से हम लोगों ने पूना पोखर स्थित मां सर्वेसरी जच्चा बच्चा केंद्र मे लेकर आए वहां पर मौजूद डॉक्टर अंगदपाल व उनके सहयोगी डॉ रेनू विश्वकर्मा ने चेक-अप किया तो उन्होंने कहा कि पेट में बच्चे की कंडीशन ठीक नहीं है। बच्चा एक जगह स्थिर पड़ा है, हिल डोल नहीं रहा है, जिससे कि मरीज की मौत भी हो सकती है। इतने में डॉक्टर द्वारा इलाज करने के नाम पर बोतल लगा दिया गया और 10 मिनट बाद मुझसे कहा गया कि यदि ऑपरेशन नहीं हुआ तो जच्चा बच्चा दोनों की कोई गारंटी नहीं है। मौत हो सकती है। मैं ऑपरेशन के लिए तैयार नहीं था। मैं यह कहता रहा कि अभी तक मेरा कोई गार्जियन नहीं है। अभी इलाज करिए, लेकिन इसके बाद भी डॉक्टर ने ऑपरेशन कर दिया ऑपरेशन करने के बाद मरीज की स्थिति बिगड़ने लगी तो डॉक्टर अंगद पाल ने कहा कि मरीज को खून की सख्त आवश्यकता है। तो मेरे रिश्तेदार से खून उतारा गया और तत्काल मरीज को खून चढ़ा दिया गया। खून चढ़ते ही मरीज की स्थिति और खराब हो गई तो वहा से डॉ अंगदपाल अस्पताल छोड़कर भाग निकले कि मैं अभी आ रहा हूँ। हम लोगों ने अपने मरीज को निकालकर ताहिर मेमोरियल हॉस्पिटल फूलपुर ले गए, जहां पर डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखकर भर्ती करने से इंकार कर दिया, तब तक अंगद पाल ने फ़ोन पर बताया कि बनारस में कुलवंती हॉस्पिटल में भर्ती करा दीजिए। वहां पर अच्छे डॉक्टर हैं। 4 दिन कुलवंती हॉस्पिटल में रहा। वहां पर किसी प्रकार का कोई आराम नहीं हुआ। हम लोगों ने अपने से मरीज को निकालकर ओपेल हॉस्पिटल बनारस में भर्ती करवाए जहां पर जांच होने पर पता चला कि गलत तरीके से ऑपरेशन वह खून चढ़ाने की वजह से इनके किडनी में इंफेक्शन हो गया है, जिससे दोनों किडनी काम कर करना बंद कर दिया है। हर तीसरे दिन मरीज का डायलिसिस होता है। अब तक इलाज कराने में लगभग छह लाख रुपए खर्च हो चुके हैं।
अस्पताल से निकलने के बाद परिजन चौदह मार्च को डॉ अंगदपाल से मिलने उनके अस्पताल में गए तो पता चला कि अंगदपाल यहां नहीं वहां पर उनके सहयोगियों द्वारा हम लोगों से मारपीट करने के लिए उतारू हो गए। अस्पताल के बाहर लोगों की जबरदस्त भीड़ थी। कुछ समय के लिए रोड भी जाम था। पुलिस ने समझा, बुझाकर लोगों को हटाया देर शाम तक सरायमीर थाने में सैकड़ों की भीड़ जमा थी। इस संबंध में थाना प्रभारी भुवनेश चौबे ने बताया कि तहरीर मिलने पर दोषियों के खिलाफ मुकदमा लिखकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट-राहुल यादव