आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। जिले के रानी की सराय थाना क्षेत्र अंतर्गत कोठिया और मझगांव गांव के मध्य बनाया गया नगरीय अपशिष्ट का डंपिंग यार्ड अब ग्रामीणों के लिए गंभीर स्वास्थ्य और पर्यावरणीय खतरा बन गया है। कचरे के ढेर से उठने वाली दुर्गंध, धुआं, प्रदूषण और गंदगी से पनपने वाले कीड़े, बीमारियां स्थानीय जीवन को दूभर बना रहे हैं। सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे कोठिया, मझगांवा, जमुरपुर, कोटवा, हमीदपुर चखरुल्हा, शाहखुद्दनपुर, साफ़ीपुर, कोटवा, ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपकर इस समस्या से जल्द निजात दिलाने की गुहार लगाई है।
कोठिया निवासी मनोज कुमार पाण्डेय का आरोप है कि मानक की अनदेखी करते हुए प्रशासन द्वारा आबादी के निकट बनाए गए इस डंपिंग यार्ड से आसपास के लगभग दस गांव के लोगों का जीवन अस्त व्यस्त हो चला है। प्रशासन द्वारा ठोस कचरा प्रबंधन न होने से ग्रामीणों के साथ पशुओं को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सांस लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, अब तो स्थिति यह है कि भोजन भी मच्छरदानी के भीतर बैठकर करना पड़ता है। पिछले 5 वर्षों से हम ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय का चक्कर काट रहे है लेकिन आश्वासन के अलावा अब तक कोई भी हल नहीं निकल सका। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द ही इस समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो हम सड़क पर उतर बड़े आंदोलन को बाध्य होंगे।
इस अवसर पर प्रधान राहुल कुमार तिवारी, प्रधान काशीनाथ यादव, प्रधान प्रिंस यादव, प्रधान कुंती, प्रधान बिरजू यादव, साहित्यकार संजय कुमार पांडेय सरस, एडवोकेट शेषमणि तिवारी, एडवोकेट विनोद कुमार त्रिपाठी, एडवोकेट राजेश कुमार पांडेय, ओम प्रकाश सिंह, कैलाश सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह, विष्णु सिंह, तेज प्रताप यादव, सतीश यादव, दुर्गविजय यादव, राम बदन यादव आदि मौजूद रहे।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार