आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। साइबर थाना पुलिस ने नेक्स्ट ट्रेड नामक फर्जी ट्रेडिंग ऐप के माध्यम से की जा रही संगठित ऑनलाइन ठगी का खुलासा करते हुए दो अन्तर्राज्यीय शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। अब तक की जांच में इस गिरोह द्वारा लगभग एक करोड़ की साइबर ठगी किए जाने का तथ्य सामने आया है। इस मामले में देशभर से करीब 12 शिकायतें प्राप्त हुई हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात विवेक त्रिपाठी के पर्यवेक्षण एवं क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम आस्था जायसवाल के मार्गदर्शन में थाना साइबर क्राइम आजमगढ़ पुलिस टीम को यह बड़ी सफलता मिली है।
थाना साइबर क्राइम आजमगढ़ पर पंजीकृत मुकदमा के अंतर्गत की जा रही विवेचना में नेक्स्ट ट्रेड फर्जी ऐप के जरिए ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ।
पीड़ित अशोक कुमार अग्रवाल निवासी बदरका, कोतवाली आजमगढ़ ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने फेसबुक पर नेक्स्ट ट्रेड का विज्ञापन देखकर दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। अभियुक्तों ने अधिक लाभ का लालच देकर फर्जी ऐप का लिंक भेजा और निवेश कराया। शुरुआत में ऐप पर मुनाफा दिखाया गया, लेकिन जब पीड़ित ने धन निकासी का प्रयास किया तो आईडी ब्लॉक कर दी गई। इस प्रकार पीड़ित से कुल 8 लाख 99 हजार की ठगी की गई।
पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जो ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को फर्जी ऐप डाउनलोड कराकर निवेश कराता था। ठगी की रकम म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी। जांच में कुछ बैंक कर्मियों की संलिप्तता भी सामने आई है, जो पहले से हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक उपलब्ध कराते थे। खाते में पैसा आते ही चेक के जरिए तत्काल निकासी कर ली जाती थी।
पुलिस ने इन्द्रजीत डे पुत्र स्व. देवाशीष डे, निवासी पांडव नगर, ईस्ट दिल्ली (वर्तमान पता उज्जैन, मध्य प्रदेश), अंकेश धाकड़ पुत्र रामहेत धाकड़ निवासी शिवपुरी (वर्तमान पता इंदौर, मध्य प्रदेश), जो कोटक महिंद्रा बैंक इंदौर में कार्यरत था, को गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में चालान कर दिया। गोपाल भदौरिया (कोटक बैंक कर्मी), माधव, रॉकी, प्रीतम (यस बैंक कर्मी) अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
रिपोर्ट-सुबास लाल