लेखपाल और प्रधान की मिलीभगत से नाली पर प्लाटरों ने बना दिया रास्ता

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फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय तहसील क्षेत्र के सुदनीपुर के राजस्व गांव चकनूरी में लेखपाल और प्रधान की मिलीभगत से प्लाटरों ने सरकारी नाली पर प्लाटिंग के लिए रास्ता बना दिया। इसे लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।
सुदनीपुर ग्राम पंचायत में लखनऊ बलिया मॉर्ग से सटे गाटा संख्या 90 राम सिंगार यादव पुत्र सूर्यबली की भूमि है। बगल में लालचंद, हरिश्चंद्र पुत्रगण बलदेव की भूमि है। इन दोनों के बीच पांच कड़ी की सरकारी नाली नक्शा व सरकारी अभिलेखों में दर्ज है। इन भूमि स्वामियों के उत्तर तरफ सटा दयाशंकर, विजय शंकर पुत्र राजदेव यादव की भूमि है जिसे क्रय विक्रय करने वालो ने खरीद लिया है। इस भूमि तक मुख्य मॉर्ग से आने जाने के लिए रास्ते की आवश्यकता को पूरा करने के लिए प्लाटरो ने छः सात फुट भूमि रामसिंगार से तथा चार पांच फुट भूमि लालचंद हरिश्चन्द से क्रय किया तथा पांच कड़ी नाली की सरकारी भूमि को रास्ते में मिला कर दीवाल बना ली। सरकारी नाली की भूमि पर रास्ता बनने की बात जब ग्रामीणों ने लेखपाल से कही तो लेखपाल ग्रामीणों पर भड़क गए। ग्रामीणों से बोले कि प्रधान से बात करो। मैं प्रधान के कहने पर नाली का सीमांकन किया था अब नाली की खुदाई तो नहीं करूंगा। पन्द्रह दिन से हो रहे रास्ता निर्माण कार्य पर कोई रोक नही लगायी गयी।
नाम ना छापने की शर्त पर ग्रामीणों ने बताया कि लेखपाल सोनू गिरी लेखपाल संघ के महामंत्री है तथा सत्ता दल के बड़े नेताओ में अच्छी पकड़ है। जिसके कारण तहसील अधिकारी भी शिकायतांे पर कोई कार्यवाही नही कर पाते हैं।
इस सम्बंध में एसडीएम अशोक कुमार ने बताया कि नाली और चकमार्ग या सरकारी भूमि पर किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा। एसआईआर का कार्य चलने की वजह से व्यस्तता के कारण तहसील मुख्यालय पर नहीं रह पा रहा था। राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को भेज कर जांच करा नाली की भूमि मुक्त कराई जाएगी।
रिपोर्ट-मुन्ना पाण्डेय

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