महराजगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। मुरादपुर ग्राम सचिव पर समूह की महिलाओं और ग्राम प्रधान ने विकास कार्य में बाधक बनने सहित घूस लेने व भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
केंद्र व प्रदेश की सरकार भ्रष्टाचार के खात्मे के संकल्प के साथ गांव के विकास से देश के विकास की परिकल्पना को साकार करने में जी जान लगा कर ग्रामीण विकास की कई योजनाओं पर पैसा बहा रही है और स्थानीय निकाय को ताकतवर बनाने पर काम कर रही है वहीं कुछ सरकारी कर्मचारी गांव के विकास में बाधक ही नहीं बन रहे हैं बल्कि विकास की योजनाओं को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला महराजगंज ब्लाक के मुरादपुर ग्रामसभा में प्रकाश में आया है। ग्राम सचिव के मनमाने तरह से काम करने और बिना विकास कार्य कराये भुगतान कराने व भुगतान पर रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। मुरादपुर ग्राम सभा के समूह की महिलाओं ने ग्राम सचिव सतीश सिंह पर आरोप लगाते हुए बताया कि शौचालय की देख रेख के लिए समूह की महिलाओं को प्रतिमाह नौ हजार रुपये मिलते हैं और बीस महीने काम करने के बाद भी सिर्फ तीन महीने का ही भुगतान हुआ जिस पर ग्राम सचिव सतीश सिंह ने तीन हजार प्रतिमाह की दर से कुल नौ हजार रुपये मांग रहे हैं। पैसा न देने की दशा में शेष भुगतान न करने की धमकी देते हैं। इस संबंध में ग्राम प्रधान से बात की तो उन्होंने समूह की महिलाओं की बात का समर्थन ही नहीं किया बल्कि ग्राम सचिव पर और कई गंभीर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उन्हें गांव के विकास में बाधक बनने का आरोप लगा दिया। ग्राम प्रधान बृजेश यादव ने बताया कि सतीश सिंह न केवल पूर्व में कई इण्डिया मार्का हैण्ड पम्प का बिना रीबोर कराये भुगतान करा लिया बल्कि कोरोना काल में सरकारी कई योजनाओं के पैसे को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया और वर्तमान में गांव के विकास की कई कार्य योजनाओं की फीडिंग भी रोक दिया है जिससे गांव का विकास रुका हुआ है।
रिपोर्ट-राजनरायन