सड़क दुर्घटना में पूर्व ब्लाक प्रमुख के एकलौते पुत्र की मौत

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आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। जहानागंज थाना क्षेत्र के रामपुर स्थित श्री चंद्रशेखर स्मारक ट्रस्ट के पास रविवार की देर रात लगभग एक बजे सड़क हादसे में जहानागंज के पूर्व ब्लाक प्रमुख एवं करउत ग्राम सभा के प्रधान हरिकृष्ण चौबे उर्फ बहादुर चौबे के एकलौते पुत्र 30 वर्षीय दीपक चौबे की मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी हाउस भेजा।
प्रमुख के पुत्र के निधन की सूचना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और लोग भारी संख्या में पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। जानकारी के अनुसार दीपक चौबे अपने साथी ऋषभ के साथ कार से निमंत्रण में गए थे। देर रात करीब एक से दो बजे के बीच वह जैसे ही चंद्रशेखर स्मारक ट्रस्ट रामपुर के करीब पहुंचे कि किसी अज्ञात वाहन से कार की टक्कर हो गई। हादसे में दोनों बुरी तरह घायल हो गए। उस दौरान गश्त कर रही पुलिस ने बड़ी मशक्कत से घायलों को बाहर निकाला और गाड़ी की पहचान कर बहादुर चौबे को सूचना दी। मौके पर पहुंचे लोग आनन-फानन एंबुलेंस से लेकर पहले लाइफ लाइन अस्पताल पहुंचे वहां से रेफर होने के बाद मंडलीय जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने दीपक को मृत घोषित कर दिया। दीपक के साथ रहे ऋषभ पुत्र सोती शर्मा का इलाज राजकीय मेडिकल कालेज एवं सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल चक्रपानपुर में चल रहा था। उधर हादसे में मौत की जानकारी के बाद दीपक की मां रूमा चौबे रोते-रोते बेहोश हो जा रही थीं। दीपक के एक साल का एकलौता पुत्र है।
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मोबाइल पर पत्नी से की थी जल्द पहुंचने की बात

आजमगढ़। होनी को कोई टाल नहीं सकता। दीपक चौबे की पत्नी अनुराधा ने रात करीब एक बजे दीपक से फोन पर बात की थी। इस पर दीपक ने बताया था कि कुछ समय बाद जल्द ही घर आ जाऊंगा, लेकिन पत्नी को क्या पता कि अब वह कभी नहीं आने वाले हैं। एक साल के बेटे को तो कुछ पता ही नहीं कि क्या हुआ।
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पिता का इतना धैर्य कि दूसरों को समझाते रहे

आजमगढ़। आसपास के लोग सुबह सूचना पाते ही पूर्व ब्लाक प्रमुख के घर पहुंच गए थे और सभी लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। इस दौरान पूर्व प्रमुख बहादुर चौबे का धीरज गजब का दिखा। वह अपने आप को हिम्मत बनाए हुए थे और लोगों को समझा रहे थे कि जो होना था वह हो गया। जो चला गया उसे वापस नहीं लाया जा सकता। सभी लोग पूर्व प्रमुख के धैर्य को देख खुद को संयमित कर रहे थे।
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चंद मिनट पहले ही ड्राइविंग सीट पर खींच लाई मौत

आजमगढ़। सड़क हादसे में दीपक की मौत के समय तो कार में साथी के अलावा कोई नहीं था, लेकिन पोस्टमार्टम हाउस पर जो चर्चा थी उसे सुन हर कोई यही कह रहा था कि लगता है कि मौत ही दीपक को ड्राइविंग सीट पर खींच लाई थी। लोगों ने बताया कि निमंत्रण में जाने और आने के दौरान कार को उनका साथी चला रहा था। हादसे के चंद मिनट पहले साथी ने जब झपकी आने की बात कही, तो दीपक ने स्टेयरिंग संभाल ली और उसी के चंद मिनट बाद मौत ने निगल लिया।
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सियासत के साथ पत्रकारिता जगत में भी शोक

आजमगढ़। सड़क हादसे में दीपक चौबे की मौत ने सभी के साथ सियासत और पत्रकारिता जगत को भी झकझोर कर रख दिया। वाराणसी से प्रकाशित एक हिंदी दैनिक के ब्यूरो चीफ भी रहे हरिकृष्ण उर्फ बहादुर चौबे के एकलौते पुत्र दीपक की मौत की जानकारी पर जनसंदेश टाइम्स के जिला कार्यालय पर शोकसभा आयोजित कर दीपक को श्रद्धांजलि दी गई। गतात्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया और परिवार को सहनशक्ति प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। शोकसभा में जनसंदेश टाइम्स के ब्यूरो चीफ अमित कुमार राय के अलावा सुबास लाल श्रीवास्तव, शक्ति शरण पंत, प्रमोद यादव, मनीष श्रीवास्तव, ज्ञानेंद्र कुमार, दीपू प्रसाद खरवार, महेंद्र यादव, आशुतोष सिंह, कांग्रेस नेता सुनील कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
रिपोर्ट-सुबास लाल

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