पवई आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। ओगरावती नदी में जगह-जगह बांध बनाकर पानी रोके जाने से चार गांवों के किसानों की करीब 150 बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई है। फसल की कटाई नहीं हो पाने से परेशान किसानों ने अब पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।
इस संबंध में कृष्णकांत ने थानाध्यक्ष को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, हेवती, मझौरा, भरमा और नाहरपुर सहित अन्य गांवों के किसानों की धान की फसल पानी में डूबी हुई है। किसानों का आरोप है कि ओगरावती नदी में कई स्थानों पर बांध बनाकर पानी रोक दिया गया है। ग्रामीणों ने कई बार बांध खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन हर बार उन्हें झगड़ा करने और जान से मारने की धमकी दी गई।
आरोप है कि मंगलवार को लेखपाल के कहने पर ग्रामीण बांध खुलवाने पहुंचे थे। इसी दौरान अर्जुन बिंद सहित अन्य लोगों ने कथित तौर पर गड़ासा और भाला लेकर ग्रामीणों पर हमला करने की कोशिश की और जान से मारने की धमकी दी। ग्रामीणों ने किसी तरह 112 नंबर और स्थानीय थाने की मदद लेकर अपनी जान बचाई।
पीड़ित पक्ष ने प्रार्थना पत्र में अर्जुन बिंद निवासी सहबाबाद, बनारसी बिंद निवासी नाहरपुर, राधेश्याम बिंद, मुकेश निवासी टेनी और धर्मेंद्र बिंद निवासी सहबाबाद सहित पांच लोगों को आरोपित किया है। किसानों ने पुलिस प्रशासन से मामले की जांच कर आरोपितों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने तथा नदी में बनाए गए बांधों को खुलवाकर खेतों से पानी निकलवाने की मांग की है, ताकि उनकी धान की फसल को बचाया जा सके।
रिपोर्ट-नरसिंह