आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। महिला कल्याण विभाग द्वारा विकास खण्ड बिलरियागंज में राष्ट्रीय जेण्डर अभियान के अन्तर्गत मंगलवार को चौथे दिन महिलाओं के विरूद्ध हिंसा से जुड़े मुद्दों के प्रति महिलाओं को जागरूक किया गया।
महिला कल्याण अधिकारी प्रीति उपाध्याय ने कहा कि समाज से लिंग भेदभाव को समाप्त करें एवं बेटा-बेटी में भेदभाव न करें, दोनों को समान शिक्षा दें तथा दोनों से घर का काम समान रूप से करायें। उन्होने कहा कि लड़कों को महिलाओं एवं बालिकाओं का सम्मान करना भी सिखायें। साथ ही महिलाओं का जहां भी शोषण हो, उसका कड़ा विरोध करें। उन्होने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, बाल विवाह, लिंग परीक्षण, कन्या भू्रण हत्या, महिलाओं के खिलाफ हिंसा की रोकथाम एवं भेदभाव के उन्मूलन के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होने घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम 2005 के बारे में बताते हुए कहा कि इस अधिनियम का उद्देश्य घरेलू हिंसा से महिलाओं को बचाना और पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है। इस कानून के तहत घरेलू हिंसा के दायरे में अनेक प्रकार के हिंसा और दुर्व्यवहार आते हैं। जिसमें शारीरिक दुरूपयोग, लैगिंग शोषण, मौखिक और भावनात्मक हिंसा, आर्थिक हिंसा, ये सब घरेलू हिंसा की श्रेणी में आते हैं। महिलाओं हेतु संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं का पम्पलेट वितरित किया गया एवं शपथ भी दिलायी गयी। इस अवसर पर आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकत्री सहित विकास खण्ड बिलरियागंज के कर्मचारी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट-तारकेश्वर मिश्र