मुबारकपुर आजमगढ (सृष्टिमीडिया)।़ स्थानीय थाने के थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह की पहल से वर्षों से आस लगाए बैठे लोहरा चौकी की दरकार अब सार्थक होती नजर आ रही है। खबर है कि सन 1989 में कुर्बानी को लेकर सुंन्नर, मुनर यादव आदि सहित मुस्लिम समुदाय के बीच संघर्ष हुआ जिसमें दो हत्याएं सुन्नर यादव और इम्तियाज की हुई थी। उसके बाद से ही उच्च अधिकारियों ने मुबारकपुर थाने के अंतर्गत लोहारा के नाम से एक चौकी की स्थापना की थी लेकिन यहां चौकी केवल कागज में ही सिमट कर रह गई। जब कुर्बानी का दौर आता है तो न्यायालय के आदेशों का अनुपालन कराने के लिए उच्च अधिकारियों सहित पुलिस प्रशासन पूरी तरीके से मुस्तैद हो जाती है जबकि जनसुनवाई के लिए किसी भी तरह का समुचित चौकी के स्थान न होने से फरियादियों को अपनी बात कहने और समाधान के लिए थाने पर आना पड़ता है। इसे ध्यान में रखकर थानाध्यक्ष राज कुमार सिंह ने राजस्व अधिकारियों सहित उच्च अधिकारियों से संपर्क स्थापित कर विभागीय कार्रवाई किया और वर्षों के बाद चौकी हेतु उप जिलाधिकारी सदर द्वारा आदेश निर्गत किया गया। उक्त सूचना की जानकारी जैसे ही थाना परिसर के सिपाहियों सहित आम लोगों को हुई लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इस संबंध में थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह का कहना है कि सरकार एवं अधिकारियों के नेक पहल से काम हुआ जिससे पुलिस की मुस्तैदी को और सार्थक बनाने में चौकी हो जाने के बाद कारगर साबित होगा।
रिपोर्ट-मनीष श्रीवास्तव