आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। जिले के स्थापना दिवस पर आयोजित पांच दिवसीय आजमगढ़ महोत्सव की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। आयोजन के क्रम में नृत्य एवं गायन के ऑडिशन रविवार को संपन्न हो गए। चयनित 25 कलाकारों को मुख्य मंच पर गायन का अवसर मिलेगा। डांस के 40 ग्रुपांे में 15 लोगों का चयन मुख्य मंच पर प्रदर्शन के लिए हुआ। महोत्सव की पूर्व संध्या पर 17 सितंबर को हरिऔध कला केंद्र में दिन के दो बजे से कवि सम्मेलन व मुशायरा का आयोजन होगा, तो शाम पांच बजे हरिहरपुर संगीत महाविद्यालय द्वारा कथक की प्रस्तुति होगी। ठीक 10 मिनट बाद जागरूक सेवा संस्थान बलिया की टीम द्वारा नाटक विदेशिया का मंचन किया जाएगा। नृत्य एवं गायन के आडिशन में जनपद के लोक कलाकारों व वंचित कलाकारों को मंच मुहैया कराने के उद्देश्य से आयोजित लोक कला का आडिशन हरिऔध कला केंद्र में हुआ। कलाकारों की संख्या ज्यादा होने के कारण आयोजन समिति व निर्णायक मंडल द्वारा सबको अवसर दिया गया। गायन, नृत्य के आडिशन में गायन के कुल 170 प्रतिभागियों ने भाग लिया तथा डांस के 40 प्रतिभागियों का ऑडिशन हुआ। ऑडिशन के उपरांत निर्णायक मण्डल द्वारा चयनित प्रतिभागियों के चयन के बांबत जानकारी आयोजन समिति को दी गई। निर्णायक मंडल में अग्रसेन महाविद्यालय की संगीत विभागाध्यक्ष प्रोफेसर निशा कुमारी, अमित संगीत महाविद्यालय के निदेशक अमित ओझा, भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय लखनऊ के शोधार्थी अंकित सिंह, वहीं की शोधार्थी रुचि सिंह, धोबिया नृत्य के कलाकार उमेश कनौजिया व श्रेया चित्रांशी शामिल रहीं। महोत्सव के नोडल प्रभारी अपर जिलाधिकारी आजाद भगत सिंह द्वारा मुख्य कोषाधिकारी अनुराग श्रीवास्तव की उपस्थिति में समस्त निर्णायकों को अंगवस्त्र एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। वहीं सोमवार को नवागत जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने 18 से 22 सितंबर तक राजकीय पालीटेक्निक एवं हरिऔध कला केंद्र में आयोजित होने वाले आजमगढ़ महोत्सव की तैयारियों का जायजा लिया। साथ ही कार्यक्रमों की सूची का भी अवलोकन किया।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार