क्रांति उपाध्याय ने दिल्ली में लहराया परचम

शेयर करे

फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। अंबारी निवासी क्रांति उपाध्याय ने दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की वाद-विवाद प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है। दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी महाविद्यालय में 3 से 5 अक्टूबर तक आयोजित छत्रपति शिवाजी भोसले राष्ट्रीय तर्क महोत्सव में आत्माराम सनातन धर्म महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय की टीम ने राष्ट्रीय हिंदी संसदीय वाद-विवाद प्रतियोगिता की नव प्रविष्टि श्रेणी का खिताब अपने नाम किया। क्रांति उपाध्याय ने चंडीगढ़ निवासी प्रत्यक्ष तिवारी के साथ यह उपलब्धि हासिल की।
फाइनल मुकाबले में क्रांति उपाध्याय और प्रत्यक्ष तिवारी की टीम का सामना मिरांडा हाउस महाविद्यालय, नई दिल्ली की चिन्मयी एवं दीक्षा की टीम से हुआ। फाइनल का विषय “दार्शनिकों के सदन का मत है कि दर्शनशास्त्र मूल रूप से ईश्वर बनने की मनुष्य की इच्छा का एक उप-उत्पाद है” था।
फाइनल मुकाबले का निर्णय देश के नौ प्रतिष्ठित अधिनिर्णायकों के पैनल ने किया। पैनल की अध्यक्षता जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के शोधकर्ता डॉ. राजेश झा ने की। निर्णायकों ने सर्वसम्मति से 9-0 के अंतर से क्रांति उपाध्याय एवं प्रत्यक्ष तिवारी की टीम को विजेता घोषित किया।
प्रतियोगिता के समापन अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक संयोजिका डॉ. वनिता चड्ढा, शिवाजी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र भारद्वाज एवं महाविद्यालय के संयोजक डॉ. रंगनाथ रवि ने विजेता दल को प्रतिष्ठित चल-वैजयंती प्रदान कर सम्मानित किया।
अंबारी निवासी क्रांति उपाध्याय की इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। लोगों ने क्रांति को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाकर उन्होंने आजमगढ़ का नाम देशभर में गौरवान्वित किया है।
रिपोर्ट-पप्पू सिंह/मुन्ना पाण्डेय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *