हुकुलगंज में गली के अंदरूनी हिस्सों का है दयनीय हाल, बारिश में होती हैं ज्यादा दिक्कतें

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गली बनवाने के लिए अपर नगर आयुक्त देवीदयाल वर्मा ने दिया था आदेश, एक वर्ष होने के बावजूद नहीं हुआ काम

धूल से पटा रविन्द्र जायसवाल का शिलापट्ट

वाराणसी (सृष्टि मीडिया)। हुकुलगंज की ज्यादातर गलियाँ नगर निगम और स्थानीय नेताओं की अनदेखी व शिथिलता का दंश झेल रही हैं। सड़क की अधूरी सफाई व्यवस्था देखते-देखते नगर निगम गलियों को भूल ही गया है। उबड़-खाबड़ रास्ते, इधर-उधर बहर नाले का पानी, उखड़ी हुई गिट्टियाँ हुकुलगंज-पांडेपुर-बघवानाला के गलियों की पहचान बन चुकी हैं। महापौर और पार्षद द्वारा लगवाया गया शिलापट्ट भी टूट-फूट चुका है। लेबरसट्टी से लगायत बघवानाला होते हुए नई बस्ती और पांडेपुर गलियों के लोग काफी परेशान हैं। यहां के रास्ते पैदल चलने लायक भी नहीं रह गए हैं। भीषण महंगाई का बोझ सिर पर लेकर चल रही आम जनता इन दिक्कतों का विरोध नहीं कर पा रही है लेकिन गुस्सा सातवें आसमान पर है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सम्बंधित पार्षदों को कई बार समस्याएं बताई जाती हैं लेकिन वे नगर निगम का काम कहकर टाल देते हैं। गलियों में ठेले-खोमचे वालों ने भी जबरदस्त अतिक्रमण कर रखा है। शाम होते ही गलियों में भी जाम की समस्या बन जाती है।

बारिश में बढ़ जाती है ज्यादा चिंता

जगह-जगह ऐसे ही उखड़ा है बघवा नाला मार्ग

बतादें, बारिश का मौसम शुरू होने से पहले ही हुकुलगंज के बाशिंदे चिंतित हो जाते हैं। हालांकि बनारस के अधिकतर गलियों का हाल दयनीय हो जाता है लेकिन इस इलाके में समस्याएँ ज्यादा हैं। शर्मनाक यह है कि यहाँ के विधायक अब मंत्री बन चुके हैं। बावजूद इसके कई गलियों में ठीक से बिजली के पोल तक नहीं लगे हैं। सीवर-चौका का कार्य भी नहीं हुआ है। कहीं-कहीं तो दसियों साल हो चुके है चौका, पत्थर और सीवर का काम हुए। स्थानीय लोगों की मानें तो अगर गलियों का नवीनीकरण फिर से हो जाए तो समस्या का समाधान हो सकता है।

गलियों में भी है अतिक्रमण

मकान के सामने खड़े ऑटो के कारण राहगीरों वको होती हैं दिक्कतें।

इलाके की सड़कों के अलावा अब गलियों में भी ठेले के खड़े होने से रास्ता जाम होने की नौबत आ जाती है। इस कारण रहवासियों को ही निकलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यहाँ की गलियाँ भी अब अतिक्रमण की भेंट चढ़ने लगी हैं। इस कारण लोगों गलियों से निकलने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। संकरी गलियों में रहने वाले लोग ठेले और ऑटो खड़ा कर लेते हैं। इस कारण उक्त गलियों से बाइक व साइकिल निकलने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। दैत्रावीर मंदिर के साथ शाम होते ही यही हाल हो जाता है। यहाँ आने-जाने के लिए एक मात्र गली का ही सहारा लिया जाता है।

अपर नगर आयुक्त का आदेश फिर भी नहीं हुआ काम

देवी दयाल वर्मा का आदेश पत्र।

हुकुलगंज के सोनकर बस्ती में एक गली ऐसी भी है जिसे यहाँ के लोगों ने चंदा इकट्ठा करवाकर सीवर का काम करवाया था। लगभग छह-सात वर्ष बीतने के बावजूद इस गली में अभी तक सीवर-चौका का काम नहीं हो पाया। बाशिंदों ने कहा कि नगर निगम का विकास सिर्फ सड़क तक ही सीमित रहा गया है। बारिश के दिनों में इस गली में अक्सर सीवर चोक की समस्या होती है। शिकायत पर कोई सफाईकर्मी भी नहीं आता। तब फिर से चंदा इकट्ठा कर सफाई करवाई जाती है। पिछले साल इस समस्या की शिकायत अपर नगर आयुक्त देवी दयाल वर्मा से की गई थी। उन्होंने यहाँ के एक्सईएन को लिखित में आदेशित किया था। निगम के कर्मचारियों ने गली की नाप करने के बाद अभी तक नहीं आए। निगम के सूत्रों ने बताया है कि इस गली का निर्माण कार्य एक लाख 93 हजार रुपये में होना है, फाइल भी बन चुकी है। लेकिन अभी तक कोई काम नहीं हुआ है।

बघवा नाला के पास की गली का हाल

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