कप्तानगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर थाना कप्तानगंज क्षेत्र के मोलनापुर नत्थनपट्टी गांव में शनिवार को गौतम बुद्ध की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर समाजसेवी दिवाकर मौर्य के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने बुद्ध के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिवाकर मौर्य ने कहा कि गौतम बुद्ध ने विश्व को अहिंसा, करुणा, मैत्री और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज में व्याप्त ऊंच-नीच, छुआछूत, शोषण और भेदभाव को समाप्त करने के लिए बुद्ध के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने बुद्ध के सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए कहा कि “दुःख है तो उसका कारण भी है और उसका निवारण भी संभव है।” साथ ही “अप्प दीपो भव” का संदेश देते हुए लोगों को स्वयं जागरूक बनने की प्रेरणा दी। इस दौरान दिवाकर मौर्य ने पंचशील के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पंचशील के अंतर्गत जीव हत्या न करना, चोरी न करना, असत्य भाषण से बचना, नशा न करना तथा दुराचार से दूर रहना जैसे सिद्धांत एक स्वस्थ और नैतिक समाज के निर्माण की आधारशिला हैं। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि महान सम्राट अशोक ने कलिंग युद्ध के बाद गौतम बुद्ध के विचारों को अपनाकर हिंसा का मार्ग त्याग दिया और उनके संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया। इस मौके पर कर्मराज, धर्मवीर, दिवाकर मौर्य, अर्पित, रामबेलास, अशोक, हरिराम, देवनारायण सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
रिपोर्ट-विजय कुमार