फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। महिलाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गांवों में स्वयं सहायता समूहों का गठन कर उन्हें रोजगार के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस पहल से ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार अपनाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करने में सक्षम बन रही हैं।
मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर फूलपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत बखरा में शौर्य आजीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्य शशिकला को समूह के माध्यम से 32 हजार रुपये की सहायता दी गई, जिससे उन्होंने फास्ट फूड का ठेला शुरू किया। इसी तरह पुष्पनगर के बीआर अंबेडकर स्वयं सहायता समूह की विजय लक्ष्मी को भी 32 हजार रुपये की मदद से फास्ट फूड ठेला संचालन का अवसर मिला।
वहीं, महात्मा गांधी आजीविका स्वयं सहायता समूह, गंडी एवं सुमंगलम स्वयं सहायता समूह दखिनगांव विकास खंड अहिरौला की महिलाओं ने सहायता राशि प्राप्त कर जूस कॉर्नर का व्यवसाय शुरू किया है।
सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर इन स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने अपने-अपने ठेलों के साथ तहसील परिसर में स्टॉल सजाकर व्यवसाय शुरू करने की तैयारी की थी। जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में मुख्य विकास अधिकारी तहसील पहुंचे और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के स्टॉल का फीता काटकर उद्घाटन किया। उन्होंने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है और अधिक से अधिक महिलाओं को इस योजना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
इस मौके पर एसडीएम अशोक कुमार, क्षेत्राधिकारी किरण पाल सिंह, बीडीओ फूलचंद सरोज, राजेंद्र प्रसाद, गौरव कुमार, सौरभ, गोपाल सरीन, फातिमा, उपायुक्त श्रम रोजगार राम उदरेज यादव, उपायुक्त स्वतः रोजगार डॉ. आराधना त्रिपाठी, सहायक विकास अधिकारी (आरडी) तथा जिला एवं ब्लॉक मिशन प्रबंधक उपस्थित रहे।
रिपोर्ट-पप्पू सिंह/मुन्ना पाण्डेय