लालगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। शारदा सहायक खंड-23 लालगंज के अंतर्गत बरदह-देवगांव-मेहनाजपुर व टीकरगढ़ रजवाहा में जून और जुलाई माह से पानी न आने के कारण किसान परेशान हैं। फैजुल्लाहपुर से उपेंद्र, कहला, चौकी, रणमो, कोटा, नरसिंहपुर, चौकी, लोधापुर, मडैया, लहुवा खुर्द, धरहरा, पकड़ी होते हुए टेल तक जाने वाली नहर में पानी का इंतजार अब भी जारी है।
किसानों का कहना है कि धान की खेती का महत्वपूर्ण समय बीत रहा है, लेकिन नहर में पानी नहीं पहुंचने से सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। किसान ट्यूबवेल और डीजल इंजन चलाकर किसी तरह धान की नर्सरी बचाने और रोपाई करने में जुटे हैं। नहर में पानी नहीं आने से किसानों के बीच सिंचाई को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। किसान सत्येंद्र राय, दीपक राय, सुभाष यादव, पप्पू सिंह, विजय बहादुर सिंह, प्रमोद सिंह, राजेश सिंह, महेंद्र सिंह, ओमप्रकाश सिंह सहित अन्य किसानों ने बताया कि 4 अगस्त को तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र दिया गया था। इस दौरान उपजिलाधिकारी लालगंज के समक्ष समस्या रखी गई। किसानों के अनुसार, जेई की ओर से बताया गया था कि 15 जुलाई तक नहर में पानी पहुंच जाएगा, लेकिन अगस्त का दूसरा सप्ताह शुरू होने के बावजूद नहर सूखी पड़ी है। किसानों ने बताया कि धान की रोपाई का समय निकलता जा रहा है। नहर से सिंचाई की उम्मीद लगाए बैठे किसानों को अब निजी साधनों से खेतों की सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही है।
इस संबंध में शारदा सहायक खंड-23 के जेई सूरज कुमार ने बताया कि नहर में तीन दिन पानी चलाया गया था। कुछ दूरी तक पानी पहुंचने के बाद नहर बंद हो गई। ऊपर से पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिलने के कारण फिलहाल नहर में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। वहीं, विभाग के एक्सईएन वीरेंद्र सिंह से मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। किसानों ने विभागीय अधिकारियों से जल्द से जल्द नहर में पर्याप्त पानी छोड़े जाने की मांग की है, ताकि धान की फसल को समय पर सिंचाई मिल सके और किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
रिपोर्ट-मकसूद अहमद