अतरौलिया आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। सावन माह के दूसरे सोमवार को अतरौलिया स्थित प्रसिद्ध एवं प्राचीन कालेश्वर धाम (कालेश्वर नाथ मंदिर) में भगवान शिव के दर्शन-पूजन एवं जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शिवभक्तों द्वारा स्वयंभू शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करने का सिलसिला शुरू हो गया, जो दोपहर तक अनवरत चलता रहा।
मंदिर के महंत दिलीप दास ने बताया कि कालेश्वर धाम संतों की तपस्या से जाग्रत हुई प्राचीन तपोभूमि है। यहां स्थापित शिवलिंग स्वयंभू (स्वयं प्रकट) है, जहां सावन मास में गंगाजल से जलाभिषेक करने पर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
स्थानीय निवासी प्रदीप पांडे तथा अन्य श्रद्धालुओं ने बताया कि वे बीते कई दशकों से यहां नियमित रूप से आ रहे हैं। मंदिर परिसर में सावन भर रुद्राभिषेक और विशाल भंडारों का आयोजन होता रहता है। आस्था के इस महासंगम के बीच प्रशासनिक बदहाली को लेकर मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं में गहरा असंतोष दिखा। मंदिर के बाबा और श्रद्धालुओं का आरोप है कि मंदिर को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग अत्यंत जर्जर और क्षतिग्रस्त स्थिति में है। श्रद्धालुओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बार-बार शिकायत के बाद भी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने सड़क की मरम्मत नहीं कराई। भक्तों ने शासन से मांग की है कि कालेश्वर धाम की महिमा को देखते हुए सड़क का निर्माण कराया जाए और सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ की जाए।
रिपोर्ट-आशीष निषाद