सेवानिवृत्त चालक के नाम पर लाखों रुपये लोन लेने का आरोप

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आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। जिले में मत्स्य विभाग से सेवानिवृत्त एक चालक ने कुछ लोगों पर धोखाधड़ी कर उसके नाम पर लाखों रुपये का लोन लेने, फर्जी हस्ताक्षर के जरिए बैंक खाते से वेतन और जीपीएफ की रकम निकालने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित राजदेव निवासी शोधनपट्टी, थाना कंधरापुर ने मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
राजदेव मत्स्य विभाग आजमगढ़ में चालक के पद पर कार्यरत थे। उनका आरोप है कि वर्ष 2020 में आजमगढ़ रोडवेज गेट पर उनकी मुलाकात पंकज शर्मा उर्फ गुड्डू निवासी कुर्मीटोला से हुई थी। पंकज ने कथित तौर पर खुद को बैंक कर्मचारी बताकर उनका विश्वास हासिल किया। इसके बाद आलम समेत कुछ अन्य लोग भी उसके संपर्क में आए। राजदेव का आरोप है कि इन लोगों ने उन्हें डराकर और जबरन शराब पिलाकर अपने प्रभाव में रखा। इसी दौरान उनके सर्विस बैंक खाते और अनवरगंज स्थित यूनियन बैंक तथा रैदोपुर स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा से उनके नाम पर कई लोन लिए गए।
आरोप है कि कर्ज की रकम उन्हें देने के बजाय दूसरे लोगों ने अपने पास रख ली। पीड़ित के मुताबिक, वर्ष 2021 से 2025 के बीच फर्जी हस्ताक्षर और चेकबुक के माध्यम से उनके वेतन, जीपीएफ और बोनस की रकम भी निकाली जाती रही। वह 31 अक्टूबर 2025 को सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद घर लौटने पर उन्हें बैंक से जुड़े कर्ज की जानकारी मिली। उनका दावा है कि यूनियन बैंक से 15 लाख रुपये और एसबीआई से 10 से 15 लाख रुपये तक का लोन उनके नाम पर लिया गया, जिसकी जानकारी उन्हें पहले नहीं थी।
राजदेव ने आरोप लगाया कि कर्ज की रकम जमा करने के लिए बैंक से जुड़े लोग उनके घर पहुंचकर दबाव बना रहे हैं और भुगतान नहीं करने पर संपत्ति नीलाम होने की बात कह रहे हैं। उन्होंने पंकज शर्मा और उसके साथियों पर परिवार को धमकाने तथा उनके दामाद श्रवण कुमार को भी जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि 28 सितंबर 2026 को कुछ लोग कथित तौर पर बैंक कर्मचारी अनिल कुमार सिंह के नाम का इस्तेमाल करते हुए मत्स्य विभाग कार्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने विभागीय अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर और कागजात के सहारे राजदेव के फंड व पेंशन की रकम दूसरे खाते में स्थानांतरित कराने का प्रयास किया, लेकिन संदेह होने पर विभागीय कर्मचारियों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया।
पीड़ित ने एसएसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग गुहार लगायी है। मामले में पुलिस की कार्रवाई और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि के संबंध में जानकारी उपलब्ध नहीं है।
रिपोर्ट-सुबास लाल/ज्ञानेन्द्र कुमार

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