फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर शनिवार को फूलपुर तहसील के लेखपालों ने थाना दिवस का बहिष्कार किया। इसके साथ ही तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन कर भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एसीओ) द्वारा लेखपालों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई का विरोध जताया। लेखपालों ने नारेबाजी कर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। तत्पश्चात मांगों से संबंधित लिखित ज्ञापन एसडीएम फूलपुर को सौंपा।
जिला उपाध्यक्ष यशपाल चौहान, तहसील अध्यक्ष विशाल सिंह चंदेल और मंत्री बिंद्रेश यादव के नेतृत्व में लेखपाल तहसील परिसर में धरने पर बैठे। संघ मंत्री बिंद्रेश यादव ने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण संगठन उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा लेखपाल साथियों के विरुद्ध की जा रही गलत एवं अनुचित कार्रवाई से पूरे लेखपाल संवर्ग में आक्रोश और असुरक्षा की भावना है।
उन्होंने कहा कि लेखपाल ग्रामीण क्षेत्रों में कठिन परिस्थितियों के बीच शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन और राजस्व संबंधी दायित्वों का निर्वहन करते हैं। किसी निर्दाेष कर्मचारी के विरुद्ध गलत अथवा सुनियोजित कार्रवाई से उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा और पारिवारिक जीवन प्रभावित होता है। संघ भ्रष्टाचार के विरुद्ध निष्पक्ष और वैधानिक कार्रवाई का समर्थन करता है, लेकिन नियम विरुद्ध एवं अनुचित कार्रवाई किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
लेखपालों ने अयोध्या जिले की सोहावल तहसील में लेखपाल उत्कर्ष दीप के प्रकरण को भी गंभीर बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की। संघ का कहना है कि उपलब्ध सीसीटीवी रिकॉर्डिंग के अवलोकन से प्रथम दृष्टया रिश्वत मांगने का कोई स्पष्ट तथ्य प्रतीत नहीं होता। लेखपालों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई समाप्त करने तथा दोषी पाए जाने वाले संबंधित कर्मचारी अथवा अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की मांग की।
इस दौरान नागेंद्र तिवारी, प्रदीप सोनी, नीरज यादव, रविशंकर यादव, कृष्णचंद यादव, रविकांत, ज्ञानेंद्र, सौरभ राय आदि मौजूद रहे।
रिपोर्ट-पप्पू सिंह/मुन्ना पाण्डेय