आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। तरवां ब्लाक अंतर्गत भिलिहिली गांव निवासी 65 वर्षीय सोखा ने बताया कि मुझे जोड़ों में दर्द रहता था। मैंने अस्पताल में डॉ. चौहान को दिखाकर एक हप्ते पहले दवा ली थी। इसके बाद मुझे काफी आराम मिला। इसी गांव निवासिनी 14 वर्षीया सुहानी ने बताया कि मुझे 10-12 दिन से पेट में दर्द था। मैंने अस्पताल में डॉक्टर को दिखाकर दवा ली। मुझे काफी आराम है। मुझे तीन दिन बाद फिर बुलाया गया है।
सोखा और सुहानी तो सिर्फ उदाहरण हैं। ऐसे कई मरीज हैं जो सरकारी स्वास्थ्य योजना टेलीमेडिसिन सुविधा का लाभ ले रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.आईएन तिवारी ने बताया कि टेलीमेडिसिन आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी के लिए वरदान है। अब सीएचसी पर आने वाले मरीज वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए पीजीआई व एम्स के डॉक्टरों से इलाज करा सकेंगे। डॉक्टर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मरीज का हाल लेंगे। जांच रिपोर्ट ऑनलाइन उन्हें उपलब्ध कराई जाएगी और फिर डॉक्टर जांच रिपोर्ट के अनुरूप मरीज को आवश्यक सलाह देते हुए इलाज शुरू करायेगा। उन्होंने बताया कि जनपद में तैनात 237 सीएचओ टेलीमेडिसिन की यह सुविधा दे रहे हैं। इस कार्य में जनपद के स्पेशलिस्ट व एमबीबीएस 100 भी शामिल हैं। अभी 600-700 के बीच में कंसल्टेशन किए जा रहे हैं। प्रति सीएचओ 10 मरीजों को दिखाने का टारगेट है। यानि लगभग 2000 कंसल्टेशन रोज होने की उम्मीद है। यह सुविधा जनपद के रूरल एरिया शहरी पीएससी तथा सीएचसी एडिशनल पीएचसी एवं उप केंद्र पर उपलब्ध है। भविष्य में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर सीएचओ के अतिरिक्त एक एएनएम, एक फार्मासिस्ट, एक वार्ड ब्वाय और पांच आशा काम करेंगी।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार