आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। जिले के स्वास्थ्य केन्द्रों पर वृहस्पतिवार 15 दिसम्बर को मनाये गए पहले निक्षय दिवस पर ओपीडी में पहुंचे 5262 मरीजों में से 432 संभावित मरीजों के बलगम की जांच हुई इनमें से 21 में टीबी की पुष्टि हुई। इसके अलावा एक्स-रे जांच में छह लोगों में टीबी की पुष्टि हुई। इन मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया है। उक्त बातें मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.आईएन तिवारी ने बतायी।
डा.तिवारी ने बताया कि जिले के 22 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, 84 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, राजकीय चिकित्सालय एवं जिला महिला चिकित्सालय के साथ 207 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर संभावित मरीजों के सैम्पल लेकर जांच की गयी। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ.परवेज़ अख्तर ने बताया कि ओपीडी में आने वाले कुल मरीजों में से 432 के सैम्पल की जांच हुई, जिसमें 21 में बलगम व छह में एक्स-रे जांच में टीबी की पुष्टि हुई। 366 पुराने टीबी मरीजों की जांच में एक में एचआईवी व टीबी दोनों की पुष्टि हुई। इसके साथ ही 412 टीबी मरीजों की शुगर की जांच की गयी, जिसमें चार में डायबिटिक की पुष्टि हुई। डॉ. अख्तर ने कहा कि अब हर माह की 15 तारीख को आयोजित होने वाले निक्षय दिवस के माध्यम से संभावित टीबी मरीजों की जांच में मदद मिलेगी।
जिला कार्यक्रम समन्वयक पीयूष अग्रवाल ने बताया कि निक्षय दिवस का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत प्राथमिक रूप से संभावित क्षय रोगियों को खोजकर स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करवाना एवं पुष्टि होने पर मरीज की निगरानी एवं सुविधा उपलब्ध कराना है। इलाज के दौरान सरकार द्वारा 500 रुपए प्रतिमाह पोषण के लिए दिया जाता है। आशा कार्यकर्ता द्वारा घर-घर जाकर टीबी के लक्षण वाले लोगों को जांच कराने के लिए प्रेरित किया गया।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार