फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। विद्युत विभाग बकाया बिल की वसूली के लिए अभियान चलाकर उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई तो तेजी से कर रहा है, लेकिन दूसरी ओर बिजली बिलों में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। बिना मीटर वाले उपभोक्ताओं को अनुमानित खपत के आधार पर बिल भेजे जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ती जा रही है। बिल संशोधन के नाम पर उपभोक्ताओं के शोषण की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
इसका ताजा उदाहरण फूलपुर क्षेत्र के सुदनीपुर निवासी कुंदन यादव का मामला है। उन्होंने मोबाइल पर आए बिजली बिल के संदेश दिखाते हुए बताया कि कनेक्शन लेने के बाद से उनका बिल फिक्स आता था, जिसे वह नियमित रूप से जमा करते थे। प्रतिमाह लगभग 200 से 250 रुपये के हिसाब से भुगतान होता था। लेकिन 24 अक्टूबर को उन्हें 2387 रुपये का बिल भेजा गया, जिसकी अंतिम तिथि 31 अक्टूबर थी। इसके महज तीन दिन बाद 27 अक्टूबर को 16,572 रुपये का दूसरा संदेश आ गया, जिसमें भुगतान की अंतिम तिथि तीन नवंबर बताई गई है। एक महीने के भीतर बिल की धनराशि में इतना बड़ा अंतर आने से उपभोक्ता परेशान हैं।
इस संबंध में उपखंड अधिकारी विद्युत फूलपुर सुजीत कुमार गुप्ता ने बताया कि फिक्स बिल व्यवस्था पर रोक लगा दी गई है। अब एक किलोवाट के कनेक्शन पर न्यूनतम 108 यूनिट की खपत मानकर बिल भेजा जा रहा है। संभव है कि संबंधित उपभोक्ता का कनेक्शन दो किलोवाट का हो और 218 यूनिट के आधार पर बिल बना हो। उन्होंने उपभोक्ताओं को मीटर लगवाने की सलाह देते हुए कहा कि मीटर रीडिंग के आधार पर बिल तैयार कर दिया जाएगा।
रिपोर्ट-पप्पू सिंह/मुन्ना पाण्डेय