आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर शस्त्र लाइसेंस और अन्य सरकारी लाभ हासिल करने के मामले में निजामाबाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में नामजद अभियुक्त मो. इबराक खान (42) को मुंबई से गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से लाइसेंसी 32 बोर की एक रिवाल्वर, 33 जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस के अलावा आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पैन कार्ड बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, 29 सितंबर 2026 को निजामाबाद थाने के वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुरेश सिंह यादव को सूचना मिली थी कि ग्राम मिर्जापुर निवासी मिर्जा अयाज बेग और उसके सहयोगियों द्वारा बाहर रहने वाले लोगों को गांव का निवासी दिखाकर उनके नाम पर फर्जी पता और कूटरचित दस्तावेज तैयार कराए जाते हैं। आरोप है कि इन दस्तावेजों के आधार पर शस्त्र लाइसेंस सहित अन्य सरकारी लाभ दिलाए जाते थे और इसके बदले मोटी रकम ली जाती थी। जांच में पुलिस को पता चला कि मुंबई के अंधेरी वेस्ट में रहने वाले मो. इबराक के नाम पर ग्राम मिर्जापुर के पते से परिवार रजिस्टर, विद्यालय अभिलेख और अन्य दस्तावेज तैयार कराए गए थे। इन्हीं अभिलेखों के आधार पर वर्ष 2010 में रिवाल्वर का शस्त्र लाइसेंस संख्या 315/2010 जारी कराया गया था। पुलिस के अनुसार ग्राम मिर्जापुर से संबंधित जूनियर हाईस्कूल के स्थानांतरण प्रमाणपत्र और परिवार रजिस्टर की नकल सहित कुछ दस्तावेजों के कूटरचित होने की जानकारी जांच में सामने आई है।
ओशिवरा पुलिस के सहयोग से पुलिस टीम ने आरोपी के वर्तमान पते पर दबिश दी। मौके पर मिले व्यक्ति ने अपना नाम इबराक खान पुत्र इमदाद खान बताया। तलाशी के दौरान उसके पास से आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और पैन कार्ड मिले। इसके अलावा मुकदमे से संबंधित लाइसेंसी रिवाल्वर, 32 बोर के 33 जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद हुए।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर दो अक्टूबर को न्यायिक मजिस्ट्रेट, बांद्रा, मुंबई के समक्ष पेश किया। वहां से उसे आजमगढ़ न्यायालय में पेश करने के लिए ट्रांजिट रिमांड लिया गया। इसके बाद चार अक्टूबर को आरोपी को निजामाबाद थाने लाया गया। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
रिपोर्ट-सुबास लाल/ज्ञानेन्द्र कुमार