लालगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। बरवां मेहनाजपुर में गांगी नदी किनारे असहाय हालत में मिले वृद्ध पारस नाथ को समाजसेवी जनार्दन यादव ने सहारा देकर अपने घर पहुंचाया। भोजन कराने के बाद उनके परिजनों की तलाश शुरू की गई। पुलिस के सहयोग से जानकारी मिलने पर वृद्ध के बेटे प्रिंस कुमार मेहनाजपुर पहुंचे और शनिवार रात अपने पिता को सकुशल अपने साथ लेकर चले गए। पिता को सुरक्षित पाकर परिजनों ने राहत की सांस ली।
चंदौली जनपद के महुअर थाना बलुआ निवासी पारस नाथ पुत्र जगरनाथ किन्हीं परिस्थिति में भटकते हुए मेहनाजपुर क्षेत्र के बरवां स्थित गांगी नदी के तट तक पहुंच गए थे। तूफान में भींगते हुए वह एक जगह बैठे कांप रहे थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने कई दिनों से खाना भी नहीं खाया था। शनिवार को स्थानीय लोगों ने जब उन्हें नदी किनारे बेहद असहाय हालत में देखा और इसकी सूचना समाजसेवी जनार्दन यादव को दी तो सूचना मिलते ही जनार्दन यादव साथियों को लेकर मौके पर पहुंचे। वृद्ध पानी से घिरे हुए थे और चलने-फिरने की स्थिति में नहीं थे। जनार्दन यादव उन्हें गोद में उठाकर सुरक्षित अपने घर ले आए, जहां उन्हें नाश्ता और भोजन कराया गया तथा वस्त्र बदलवाया गया।
इसके बाद मेहनाजपुर थाना पुलिस को इसकी सूचना दी गई। पुलिस ने वृद्ध की पहचान और उनके परिजनों तक पहुंचाने की कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान पुलिस के सहयोग से परिजनों से संपर्क हो गया और उनके बेटे प्रिंस कुमार रात में ही मौके पर पहुंचे और पिता को अपने साथ ले गये। वृद्ध को सुरक्षित उनके परिवार तक पहुंचाने में अरविंद, आकाश और सप्पू यादव समेत अन्य लोगों ने भी सहयोग किया।
रिपोर्ट-मकसूद अहमद