अहरौला आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम पितृ शांति के लिए चल रहे अनुष्ठान के दौरान शुरू हुआ विवाद देर रात बेहद गंभीर घटना में बदल गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार फायरिंग में आरोपी की पत्नी और दो पुरोहितों की मौत हुई थी। इसके बाद आरोपी अपने बच्चों के साथ हथियार लेकर एक कमरे में बंद हो गया था। देर रात पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपी और उसके एक पुत्र की भी मौत हो गई। इस तरह घटना में कुल पांच लोगों की मौत हो गयी है। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
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बड़े भाई की हत्या के बाद परिवार में बढ़ी थी चिंता
अहरौला (आजमगढ़)। ग्रामीणों के अनुसार कुछ वर्ष पहले पड़ोसी से जमीन विवाद को लेकर अरविंद सिंह के बड़े भाई सुनील सिंह की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद सुरक्षा की दृष्टि से अरविंद सिंह को रिवॉल्वर और उनकी भाभी को राइफल का लाइसेंस मिलने की बात सामने आ रही है। ग्रामीणों के मुताबिक इसके बाद से अरविंद सिंह की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और उनका उपचार भी चल रहा था। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
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पितृ शांति के लिए कराया जा रहा था अनुष्ठान
अहरौला (आजमगढ़)। परिवार की ओर से घर में पितृ शांति के लिए अनुष्ठान कराने की तैयारी की गई थी। बताया गया कि अरविंद सिंह की माता को उम्मीद थी कि अनुष्ठान कराने से घर की परेशानियां दूर होंगी और बेटे की स्थिति में सुधार आएगा। इसके लिए वैदिक ब्राह्मणों को बुलाया गया था। मंगलवार शाम घर में पूजा-अनुष्ठान चल रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि अरविंद सिंह इस अनुष्ठान के पक्ष में नहीं थे और वह पूजा कराने के विरोध में थे। इस संबंध में पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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आधार कार्ड मांगने पर शुरू हुआ विवाद
अहरौला (आजमगढ़)। मंगलवार शाम करीब छह बजे अरविंद सिंह बाजार से घर पहुंचे। घर में पूजा होते देखकर उन्होंने वहां मौजूद पंडितों से जानकारी ली। इसी दौरान उन्होंने कथित तौर पर पंडितों से आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया। आधार कार्ड मांगने को लेकर बातचीत धीरे-धीरे विवाद और बहस में बदल गई। इसी दौरान स्थिति तनावपूर्ण होने की बात सामने आ रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विवाद बढ़ने पर अरविंद सिंह ने कथित तौर पर एक वैदिक ब्राह्मण से उलझते हुए लाठी उठाई। इसी दौरान उनकी पत्नी बबीता बीच में आ गईं और इसका विरोध किया। इसके बाद विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि अरविंद सिंह ने हथियार निकालकर फायरिंग शुरू कर दी।
वहीं अखिलेश मिश्रा ने कथित तौर पर अरविंद सिंह की माता के पीछे छिपकर खुद को बचाने का प्रयास किया। पहली फायरिंग में वह बच गए, लेकिन बाद में हुई फायरिंग में उन्हें गोली लग गई।
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छत के रास्ते भागकर बेटे ने बचाई जान
अहरौला (आजमगढ़)। घटना के दौरान अखिलेश मिश्रा के पुत्र हिमांशु मिश्र ने किसी तरह अपनी जान बचाई। बताया गया कि वह छत के रास्ते बाहर निकल गया और घटना की जानकारी परिजनों को दी। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को भी दी गई। अरविंद सिंह की भतीजियों द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने की बात भी सामने आई है।
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तीन बच्चों को लेकर कमरे में बंद हो गया था अरविंद
अहरौला (आजमगढ़)। फायरिंग की घटना के बाद स्थिति और गंभीर हो गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक अरविंद सिंह अपने बच्चों शौर्य सिंह 9 वर्ष, परी सिंह पुत्री 8 वर्ष व छोटी पुत्री 6 माह को लेकर हथियार के साथ घर के एक कमरे में बंद हो गए। सूचना मिलते ही अहरौला थाना पुलिस के साथ पवई, फूलपुर कोतवाली समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया। पुलिस ने काफी देर तक कमरे का दरवाजा खुलवाने और अंदर मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
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रात में पहुंचे आला अधिकारी, कमांडो टीम भी बुलाई गई
अहरौला (आजमगढ़)। घटना की गंभीरता को देखते हुए देर रात तक पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डटे रहे। एसपी ग्रामीण समेत कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। रात करीब 11 बजे एजी नवीन अरोड़ा भी मौके पर पहुंचे। स्थिति सामान्य नहीं होने पर विशेष पुलिस बल और कमांडो टीम को भी बुलाया गया। पुलिस का मुख्य प्रयास कमरे में मौजूद बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना था।
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देर रात कमरे के अंदर से चली गोली, पुलिस ने की कार्रवाई
अहरौला (आजमगढ़)। काफी देर तक चले ऑपरेशन के दौरान रात करीब पौने दो बजे कमरे के अंदर से गोली चलने की आवाज आयी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अरविंद सिंह ने अपने एक बच्चे को गोली मारकर घायल कर दिया था। बच्चे की जान को खतरा देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया। पुलिस के अनुसार इस दौरान जवाबी फायरिंग में अरविंद सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया।
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अरविंद सिंह और उनके बेटे शौर्य सिंह की अस्पताल में मौत
अहरौला (आजमगढ़)। पुलिस कार्रवाई के बाद घायल अरविंद सिंह और उनके बेटे को तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। इस तरह मंगलवार शाम से शुरू हुई घटना में पहले दो पुरोहितों और अरविंद सिंह की पत्नी की मौत हुई, जबकि देर रात पुलिस ऑपरेशन के बाद अरविंद सिंह और उसके एक पुत्र की भी मौत हो गई। कुल पांच मौतों से गांव में मातम पसर गया।
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गांव में पूरी रात गूंजते रहे पुलिस के सायरन
अहरौला (आजमगढ़)। घटना के बाद शंभूपुर गांव में पूरी रात सन्नाटा पसरा रहा। गलियों में पुलिस वाहनों की आवाजाही और सायरन की आवाजें सुनाई देती रहीं। सुरक्षा के मद्देनजर गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। ग्रामीणों को घटनास्थल से काफी दूरी पर रोक दिया गया था। इससे घटना के दौरान कमरे के अंदर वास्तव में क्या हुआ, इसे लेकर ग्रामीणों और आसपास के लोगों में कई तरह की चर्चाएं बनी हुई हैं।
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घटना ने खड़े किए कई सवाल
अहरौला (आजमगढ़)। शंभूपुर की इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पूजा के दौरान पंडितों से आधार कार्ड क्यों मांगा गया? बातचीत अचानक विवाद में कैसे बदल गई? फायरिंग की नौबत क्यों आई? कमरे के अंदर पुलिस कार्रवाई के दौरान वास्तव में क्या हुआ? और बच्चे की मौत किन परिस्थितियों में हुई? इन सभी सवालों के जवाब फिलहाल स्पष्ट नहीं हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद घटना की परिस्थितियों को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
रिपोर्ट-संतोष चौबे