महराजगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र के देवारा जदीद स्थित जंगली का पूरा गांव में बरसात के दिनों में जलभराव ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बन जाता है। ग्रामीणों के अनुसार गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला रास्ता करीब चार महीने तक पानी में डूबा रहता है। इससे लगभग 300 की आबादी का आवागमन प्रभावित होता है। ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में काफी परेशानी होती है। कई बार पानी अधिक होने पर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और उन्हें स्कूल जाने से रोकना पड़ता है। वहीं, किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने पर उसे अस्पताल या मुख्य मार्ग तक पहुंचाना भी चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों के मुताबिक आपात स्थिति में मरीजों को चारपाई के सहारे जलभराव वाले रास्ते से ले जाने की मजबूरी बनी रहती है।
ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के दशकों बाद भी गांव को साल के कई महीनों तक जलमग्न रास्ते की समस्या से जूझना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि सड़क की समस्या को लेकर कई बार जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों ने अब आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सड़क निर्माण की मांग को लेकर स्पष्ट रुख अपनाने की बात कही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए पक्की सड़क और जलभराव से स्थायी निजात की व्यवस्था नहीं हुई तो वे “रोड नहीं तो वोट नहीं” के नारे के साथ मतदान के बहिष्कार पर विचार करेंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का विरोध करना नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी सड़क की समस्या का स्थायी समाधान कराना है। अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस मांग पर जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि क्या कदम उठाते हैं।
रिपोर्ट-राजनरायन मिश्र