आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट) के तत्वावधान में शिक्षकों की लंबित 25 सूत्रीय मांगों एवं विभिन्न जिला स्तरीय समस्याओं को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री को जिला विद्यालय निरीक्षक के माध्यम से ज्ञापन भेजकर मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की गई।
मुख्य मांगों में पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली, एनपीएस से ओपीएस में परिवर्तित शिक्षकों के एनपीएस अंशदान को जीपीएफ में स्थानांतरित करना, सेवा सुरक्षा की धारा-21 सहित धारा-12 एवं 18 की सुनर्स्थापना, शिक्षकों के चयन प्रोन्नत वेतनमान का समयबद्ध निर्धारण, ऑनलाइन स्थानांतरण, वित्तविहीन शिक्षकों को सेवा सुरक्षा एवं मानदेय, प्रधानाचार्य पदों पर शीघ्र नियुक्ति, एरियर का समयबद्ध भुगतान, विद्यालयों में आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था तथा सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने की मांग प्रमुख रही।
प्रदेश महामंत्री राजीव यादव ने इतिहास को याद दिलाते हुए बताया कि जितने भी आंदोलन हुए सबकी सफलता की मात्र एक वजह रही कि पीड़ितों ने अपने हक के लिए संघर्ष किया। जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने एनपीएस से ओपीएस में परिवर्तित साथियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष विजय लक्ष्मी मिश्रा ने महिला शिक्षकों के अधिकारों के लिए संघर्ष की आवश्यकता पर बल दिया। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि लंबित मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो शिक्षक हितों के लिए आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
इस अवसर पर जिला मंत्री विनय यादव, कोषाध्यक्ष डॉ. केशवराम वर्मा, मंडल प्रभारी नागेंद्र कुमार, मंडल अध्यक्ष राजा राम, मंडल मंत्री डॉ. रामजनम दूबे, जिला संरक्षक सुभाष यादव, जावेद अहमद, शारदा यादव रूपेश विश्वकर्मा, अमीर खुसरो, बैजनाथ कन्नौजिया आदि उपस्थित रहे। संचालन प्रदेश मंत्री बिरजू सरोज ने किया।
रिपोर्ट-सुबास लाल/ज्ञानेन्द्र कुमार