अहरौला आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय विकास खंड क्षेत्र के हंसनाडीह गांव में राशन वितरण में अनियमितता को लेकर ग्रामीणों ने इसहाकपुर गांव स्थित राशन की दुकान पर विरोध प्रदर्शन करते हुए पात्र कार्डधारकों को पूरा राशन उपलब्ध कराने तथा कथित अनियमितताओं की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई परिवारों को पिछले कई महीनों से राशन नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि कई बार ई-पॉश मशीन पर अंगूठा लगवाने के बाद अगली बार राशन देने की बात कहकर उन्हें वापस कर दिया जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर पात्र लाभार्थियों को उनका पूरा राशन दिलाने की मांग की है।
25 जुलाई को हंसनाडीह के कोटेदार बाल लखेंदर का कोटा निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद गांव के राशन कार्डधारकों को राशन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी इसहाकपुर के कोटेदार सत्य प्रकाश सिंह को दी गई। ग्रामीणों के अनुसार, हंसनाडीह के कार्डधारकों के लिए आवश्यकता के मुताबिक पर्याप्त राशन उपलब्ध नहीं कराया गया। वर्तमान में राशन वितरण की जिम्मेदारी संभाल रहे कोटेदार सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि उन्हें करीब 35 कुंतल राशन उपलब्ध कराया गया था, जिसमें से लगभग 29 कुंतल राशन का वितरण किया जा चुका है, जबकि करीब छह कुंतल राशन शेष है। उनका कहना है कि उपलब्ध मात्रा सभी कार्डधारकों के लिए पर्याप्त नहीं है और अतिरिक्त राशन मिलने के बाद ही शेष लाभार्थियों को राशन दिया जा सकेगा।
भाजपा मंडल अध्यक्ष अहरौला अर्पित मौर्य ने बताया कि हंसनाडीह गांव में लगभग 382 राशन कार्डधारक हैं। शिकायत की जांच के दौरान 122 कार्डधारकों में से 67 लोगों ने राशन नहीं मिलने की बात कही थी। ग्रामीणों ने राशन वितरण में गंभीर अनियमितताओं के आरोप भी लगाए हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर भाजपा मंडल अध्यक्ष अर्पित मौर्य ने मामले से जिलाधिकारी को अवगत कराया। जिलाधिकारी के निर्देश पर खाद्य आपूर्ति विभाग के तीन अधिकारियों की टीम गठित कर जांच कराई जा रही है। खाद्य आपूर्ति अधिकारी केके मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। संबंधित कोटा फिलहाल निलंबित कर दूसरे गांव के कोटेदार को राशन वितरण की जिम्मेदारी दी गई है। जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित कोटेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निलंबित कोटेदार बाल लखेंदर ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।
रिपोर्ट-संतोष चौबे