आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। हुसैनगंज क्षेत्र में जर्जर सड़क की मरम्मत का काम अचानक रोके जाने और सामग्री वापस ले जाने से स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने प्रशासन की इस कार्यप्रणाली के खिलाफ सवालिया निशान खड़ा किया है।
स्थानीय निवासी इंद्रावती देवी, दिनेश चौरसिया, रामसिंगार प्रजापति, राजबली यादव ने बताया कि 11 अगस्त को विश्वविद्यालय में राज्यपाल के प्रस्तावित आगमन को लेकर प्रशासनिक अमला तैयारियों में जुटा था। राज्यपाल का रूट बेलईसा से हुसैनगंज होकर तय किया गया था। इस सूचना के बाद प्रशासन ने आनन-फानन में बदहाल सड़क पर गिट्टी और अन्य निर्माण सामग्री गिराकर मरम्मत का काम शुरू कराया, जिससे वर्षों से परेशान ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई थी।
सोमवार को अचानक राज्यपाल का रूट बदलने की खबर आते ही सड़क मरम्मत का काम रोक दिया गया। हद तो तब हो गई जब मौके पर गिराई गई गिट्टी और रॉ-मटीरियल को जेसीबी और ट्रॉलियों में लादकर वापस ले जाया जाने लगा। इसे देख ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया और वे विरोध पर उतर आए।
ग्रामीणों का आरोप है कि बदहाल और गड्ढा युक्त सड़क के कारण क्षेत्र में आए दिन हादसे होते रहते हैं। सामान्य दिनों में शिकायत करने पर प्रशासन हमेशा बजट की कमी का रोना रोता है, जबकि किसी वीआईपी के आते ही रातों-रात सड़कों का कायाकल्प कर दिया जाता है।
गौरतलब है कि स्थानीय लोगों ने पिछले महीने गड्ढों में भरे पानी के बीच धान की रोपाई करके अपना अनोखा विरोध दर्ज कराया था। इसके बावजूद प्रशासनिक उपेक्षा का रवैया बरकरार रहने से लोगों में भारी असंतोष व्याप्त है।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार