पटवध आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलरियागंज का शनिवार को अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. उमाशरण पांडेय ने औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, लेबर रूम सहित स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। इस दौरान मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने तथा उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की समय से पहचान और सुरक्षित प्रसव को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया।
एसीएमओ ने लेबर रूम में तैनात स्टाफ नर्सों एवं एलएमओ को निर्देशित किया कि प्रत्येक एचआरपी की पहचान कर उसकी लाइन लिस्टिंग अनिवार्य रूप से की जाए। सभी एचआरपी की अद्यतन सूची रजिस्टर में उपलब्ध हो और प्रत्येक महिला का नियमित फॉलोअप करते हुए उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए।
उन्होंने कहा कि किसी एचआरपी में गंभीर लक्षण पाए जाने पर उसे तत्काल उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर किया जाए। जिला महिला चिकित्सालय अथवा राजकीय मेडिकल कॉलेज तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए 102 एंबुलेंस सेवा का उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि उपचार में अनावश्यक देरी न हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एचआरपी की निगरानी में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एक भी एचआरपी स्वास्थ्य विभाग की निगरानी से बाहर नहीं रहनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान सीएचसी अधीक्षक डा. सतीश चंद्र सहित चिकित्सक एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट-बबलू राय