अहरौला आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय थाना क्षेत्र अंतर्गत शाहपुर मौजे में बेशकीमती भूमि पर कथित अवैध कब्जे और निर्माण का मामला अब जिला प्रशासन तक पहुंच गया है। पीड़ित पक्ष ने मंडलायुक्त से शिकायत के बाद अब जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर भूमि को कब्जामुक्त कराने तथा मामले में नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित का आरोप है कि शिकायत के करीब एक माह बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। शाहपुर निवासी मानधाता पुत्र रामदुलार एवं उनकी पत्नी सुधा देवी ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया है कि गाटा संख्या 309, रकबा 0.120 हेक्टेयर, आराजी शाहपुर, परगना अतरौलिया स्थित उनकी भूमि पर गांव के कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से जबरन निर्माण कराया जा रहा है। विरोध करने पर अभद्रता, मारपीट तथा फौजदारी के मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
पीड़ित ने 16 जून को तहसीलदार बूढ़नपुर को प्रार्थना पत्र देकर मामले की शिकायत की थी। इसके बाद तहसीलदार के निर्देश पर हल्का लेखपाल द्वारा भूमि का सीमांकन कराया गया। पीड़ित का दावा है कि सीमांकन के दौरान निर्माण कार्य उनकी भूमि पर पाया गया। मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर पीड़ित पक्ष ने इसके बाद मंडलायुक्त आजमगढ़ को भी प्रार्थना पत्र दिया। बताया गया कि मंडलायुक्त कार्यालय की ओर से मामले को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए उपजिलाधिकारी तथा क्षेत्राधिकारी बूढ़नपुर को भेजा गया था। पीड़ित का आरोप है कि मंडलायुक्त के स्तर से शिकायत किए जाने के करीब एक माह बाद भी मौके पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने आशंका जताई है कि विपक्षी बाहरी जनपद से बुलडोजर सहित अन्य संसाधन मंगाकर भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर सकता है। इससे परिवार के लोग भयभीत हैं और किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है। ज्ञापन में पीड़ित ने विपक्षी पर सत्तारूढ़ दल से जुड़े होने तथा राजनीतिक प्रभाव के चलते कार्रवाई प्रभावित होने का भी आरोप लगाया है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
पीड़ित ने प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर भूमि को कथित कब्जे से मुक्त कराने और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। साथ ही न्याय नहीं मिलने पर परिवार सहित आत्महत्या करने की चेतावनी भी दी है।
इस संबंध में एसडीएम बूढ़नपुर अभयराज पाण्डेय ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट-संतोष चौबे