फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश (संस्कृति विभाग) के तत्वावधान में जनता इंटर कॉलेज, अंबारी में आयोजित ग्रीष्मकालीन चित्रकला कार्यशाला 2026 के तीसरे दिन विद्यार्थियों को लोक कला की परंपरागत शैलियों और उनकी विशेषताओं की जानकारी दी गई। प्रशिक्षक डॉ.उगेश रवि एवं शेषनाथ यादव ने छात्रों को लोककला के सांस्कृतिक महत्व, रंगों के प्रयोग, प्रतीकों और रचनात्मक अभिव्यक्ति के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि लोककला हमारी सांस्कृतिक विरासत और लोकजीवन का सजीव प्रतिबिंब है।
कार्यशाला में प्रतिभागियों से लोककला शैली में चित्र बनवाए गए, जिसमें छात्रों ने अपनी कल्पनाशीलता और रचनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चित्रों में ग्रामीण जीवन, प्रकृति, त्योहार और लोक परंपराओं की झलक देखने को मिली।
प्रधानाचार्य हरेन्द्र प्रताप सिंह एवं वरिष्ठ अध्यापक विजय बहादुर ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर अभ्यास के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला को सफल बनाने में शिक्षक वीरेंद्र यादव, सुमित यादव, परशुराम यादव एवं डॉ.नरेन्द्र चौरसिया का विशेष योगदान रहा। आगामी दिनों में भी विभिन्न कला विधाओं पर प्रशिक्षण जारी रहेगा।
रिपोर्ट-पप्पू सिंह/मुन्ना पाण्डेय