भेदभाव भुलाकर एक दूसरे को अपनाने का दिन है ईद: खालिद आज़मी

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लालगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय तहसील क्षेत्र के बसही इकबालपुर में शनिवार को ईद-उल-फितर हर्षाेल्लास के साथ मनायी गई। सुबह से ही गांव की ईदगाह में नमाज़ अदा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद पेश की और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। ईदगाह के बाहर मेले जैसा समां देखने को मिला। बच्चों में खासा उत्साह रहा, वहीं बाहर सजी दुकानों पर भी भीड़ रही। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क रहा और सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए।
मौलाना खालिद आज़मी ने कहा सिर्फ गले मिलने का ही नहीं बल्कि भेदभाव भुलाकर एक दूसरे को अपनाने का दिन ईद है। उन्होंने कहा इस्लाम धर्म सभी का ख्याल रखने की प्रेरणा देता है इसीलिए फितरा और ज़कात अदा करना अनिवार्य करार दिया गया है। रमजान हमें पूरे महीने रोज़े रख कर परहेज़गार बनने, इबादत करने और आत्मा को पवित्र करने की शक्ति देने का काम करता है जबकि ईद के दिन सभी लोग अल्लाह का शुक्र अदा करते हैं। रमज़ान के दौरान आत्मसंयम का अभ्यास होता है ताकि पूरे साल हम इसका अनुसरण करें और इसी प्रकार अपना जीवन गुजारें। आज का दिन रोज़े के इनाम के दिन के रूप मे मनाया जाता है। नमाज के बाद लोग एक दूसरे के घर पहुंच कर सेवई का आनंद ले रहे हैं और ईद की शुभकामना प्रदान कर रहे हैं। इस दौरान क्षेत्र में गंगा जमुनी तहजीब का नजारा भी देखने को मिला। मौलाना खालिद आज़मी ने कहा रमजान हमें सब्र और तकवा का संदेश देता है।
इसी क्रम में सलहरा, बनारपुर, दौना, कटौली, बैरीडीह, लालगंज, कंजहित, सिधौना, टीकरगाढ़ आदि गांवों की मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज़ अदा की गयी।
रिपोर्ट-मकसूद अहमद

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