आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। शहर के समीप बाबा भवरनाथ मंदिर के मामले में सहायक रजिस्टार फर्म्स सोसाइटीज एंड चिट्स आजमगढ़ की तरफ से बड़ा फैसला आया है। मामले में वर्तमान में मंदिर पर काबिज बाबा भवरनाथ मंदिर सेवा समिति का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। मामले में पहले भी जिलाधिकारी की तरफ से जांच कमेटी का गठन किया गया था। इसके अलावा समिति की कई कार्यवाहियों को भी जांच के दायरे में लाया गया था।
कुछ महीने पहले मंदिर का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें आधी रात को दान पेटिका को खोलकर उसमें से पैसे निकाले जा रहे थे। जिसके बाद हंगामा हुआ था। वहीं यह भी आरोप था कि आम लोगों, व्यापारियों के दान में मिले धन से बने मंदिर भवन व परिसर के कई अन्य भवनों पर समिति ने कब्जा कर उसको किराए पर देकर मोटी वसूली की। लेकिन किसी का हिसाब नहीं रखा गया। सब निजी उपयोग में इस्तेमाल होता रहा। मामले में स्थानीय निवासी तहसीलदार सिंह ने बताया कि उनके पूर्वज पहले मंदिर की देखरेख करते थे। लेकिन बाद में 2013 में दांव पेंच लगाकर नई समिति ने मंदिर की व्यवस्था को संभाल लिया। इसके बाद मंदिर में कई प्रकार की गड़बड़ियों की गई। आर्थिक रूप से कई गबन किया गया और किसी भी आय व्यय का कोई हिसाब नहीं रखा गया। जबकि इसके पूर्व में प्रधान के हाथों में जब समिति थी तब का 3 लाख आज भी बैंक खाते में जमा है लेकिन इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार